Raja Raghuvanshi Murder Case Update: राजा के कातिल, सोनम के बॉयफ्रेंड राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई, जानें क्या रहा कोर्ट का फैसला
Raj Kushwaha Bail Plea Rejected: राजा रघुवंशी हत्याकांड में राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज, सोनम को पहले मिली जमानत से मामला फिर चर्चा में
- राज कुशवाहा की जमानत याचिका शिलांग कोर्ट ने खारिज की
- सोनम को लिपिकीय त्रुटि के कारण मिली थी जमानत
- गलत धाराओं के उल्लेख से केस में आया नया मोड़
इंदौर: मध्यप्रदेश के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड पर चल रही सुनवाई के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल सोनम को पिछले दिनों मिली जमानत के बाद उसके बॉयफ्रेंड और वारदात के सह-आरोपी राज कुशवाहा की तरफ से जमानत की उम्मीद से याचिका दायर की गई थी। (Raja Raghuvanshi Murder Case Update) हालांकि शिलांग कोर्ट से उसे झटका लगा है। कोर्ट ने राज को जमानत देने से इंकार करते हुए याचिका ख़ारिज कर दी है। फिलहाल आरोपी राज के साथ 3 अन्य आरोपी है जेल में बंद है।
मुख्य आरोपित राज कुशवाह की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। सोनम रघुवंशी को जहां जमानत मिल चुकी है, वहीं राज कुशवाह को अभी जेल में ही रहना होगा। राज कुशवाह फिलहाल शिलांग जेल में बंद है, उसके साथ आकाश, आनंद और विशाल भी हिरासत में हैं।#RajaRaghuvanshiCase #RajKushwaha
— People’s Update (@PeoplesUpdate) May 1, 2026
मुख्य आरोपी और पत्नी सोनम को मिली थी जमानत
गौरतलब है कि, मेघालय में साल 2025 में हुए चर्चित ‘राजा रघुवंशी हत्याकांड‘ की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को इसी हफ्ते के मंगलवार को जमानत मिल गई है। तीन बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद, इस बार सोनम की रिहाई का रास्ता किसी सबूत की कमी से नहीं, बल्कि पुलिस की एक ‘लिपिकीय त्रुटि’ (Clerical Error) यानी टाइपिंग की गलती की वजह से खुला है।
भारतीय न्याय संहिता में नहीं है 403(1) की धारा
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या करने का आरोप है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया था। (Raja Raghuvanshi Murder Case Update) लेकिन, गिरफ्तारी के समय दिए गए दस्तावेजों में पुलिस ने एक ऐसी धारा लिख दी जो कानून की किताब में मौजूद ही नहीं है।
धारा 103(1) की जगह धारा 403(1) का उल्लेख
अरेस्ट मेमो और अन्य कानूनी कागजों में पुलिस ने धारा 103(1) की जगह धारा 403(1) का उल्लेख कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) में धारा 403(1) नाम की कोई धारा ही नहीं है। कोर्ट ने नोट किया कि गिरफ्तारी के आधार बताने वाले सभी दस्तावेजों में गलत धाराओं का इस्तेमाल किया गया था, जिसका मतलब है कि आरोपी को उसकी गिरफ्तारी का सही कारण कानूनी रूप से सूचित नहीं किया गया।
लिपिकीय त्रुटि की वजह से मिली रिहाई
ईस्ट खासी हिल्स जिला अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हालांकि इसे एक लिपिकीय त्रुटि बताया जा रहा है, लेकिन ऐसी गलती हर दस्तावेज में नहीं हो सकती। (Raja Raghuvanshi Murder Case Update) आरोपी को यह जानकारी ही नहीं दी गई कि उसे धारा 103(1) (हत्या) के तहत गिरफ्तार किया गया है। इसी तकनीकी खामी का फायदा सोनम को मिला और कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया।
क्या हैं ‘राजा रघुवंशी’ हत्याकांड?
बता दें कि, राजा रघुवंशी हत्याकांड जून 2025 में सामने आया एक बहुचर्चित आपराधिक मामला है। इस मामले ने पूरे देश में काफी सनसनी फैलाई। यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर से जुड़े एक नवविवाहित दंपति की हनीमून यात्रा के दौरान हुई घटना से जुड़ा है।
इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी शादी के बाद हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यात्रा के दौरान राजा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई। कुछ दिनों बाद उनका शव बरामद हुआ, जिससे यह मामला हत्या का निकला। (Raja Raghuvanshi Murder Case Update) जांच में पुलिस को शक हुआ कि यह केवल लूट या हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या हो सकती है। कुछ दिनों बाद ही लापता बताई जा रही पत्नी सोनम सही सलामत हालत में सामने आई। इसके बाद मामले में कई लोगों के नाम सामने आए और पुलिस ने अलग-अलग एंगल से जांच शुरू की। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हत्याकांड में पत्नी सोनम रघुवंशी और कुछ अन्य लोगों की भूमिका पाई गई, हालांकि पूरे मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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