Advance ChatGPT AI: पैसे खर्च करने की जरूरत खत्म? ChatGPT का सबसे एडवांस मॉडल अब फ्री में, लेकिन किसे मिलेगा ये बड़ा फायदा
Advance ChatGPT AI: अगर किसी शोधकर्ता का चयन इस प्रोग्राम के लिए हो जाता है तो उसे अपनी टीम के अधिकतम चार अन्य सहयोगियों को भी इसमें जोड़ने का मौका मिलेगा यानी एक चयनित शोधकर्ता अपने संस्थान के साथियों के साथ मिलकर इसका लाभ उठा सकता है।
(Advance ChatGPT AI/ Image Credit: Pexels)
- OpenAI देगा 1 लाख शोधकर्ताओं को फ्री AI एक्सेस।
- यह सुविधा आम यूजर्स के लिए नहीं होगी।
- 2027 तक चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगा कार्यक्रम।
Advance ChatGPT AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहा है। अब AI चैटबॉट लोगों के काम को आसान बनाने के साथ-साथ वैज्ञानिक शोध में भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इसी दिशा में OpenAI ने एक नया प्रोग्राम शुरू किया है। जिसके तहत आने वाले समय में करीब 1 लाख शोधकर्ताओं को अपने एडवांस ChatGPT AI मॉडल का (Advance ChatGPT AI) मुफ्त एक्सेस दिया जाएगा। इसका मकसद वैज्ञानिकों को बेहतर तकनीक उपलब्ध कराकर नई खोजों और प्रोजेक्ट्स को आसान बनाना है।
किन लोगों को मिलेगा इस सुविधा का लाभ
यह सुविधा (Advance ChatGPT AI) आम यूजर्स के लिए नहीं होगी। OpenAI के अनुसार, इस प्रोग्राम का लाभ केवल चुनिंदा विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त रिसर्च संस्थानों से जुड़े वैज्ञानिक और शोधकर्ता उठा सकेंगे। चयनित शोधकर्ता अपने संस्थान के अधिकतम चार अन्य सहयोगियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल कर सकेंगे। इससे शोधकर्ता टीम के साथ मिलकर बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे।
1 लाख शोधकर्ताओं को जोड़ने की योजना
OpenAI इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। शुरुआत में इस साल गर्मियों के दौरान करीब 10 हजार शोधकर्ताओं को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जाएगा और लक्ष्य है कि साल 2027 तक लगभग 1 लाख शोधकर्ताओं को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मिलेंगे एडवांस AI मॉडल और खास सुविधाएं
इस प्रोग्राम में शामिल शोधकर्ताओं को OpenAI के सबसे आधुनिक AI मॉडल (Advance ChatGPT AI) इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा उन्हें ChatGPT, ChatGPT Work और Codex जैसे टूल्स का भी एक्सेस मिलेगा। शोधकर्ताओं को सामान्य यूजर्स की तुलना में ज्यादा इस्तेमाल सीमा और बड़े कॉन्टेक्स्ट विंडो जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इनकी मदद से वे बड़े डेटा का विश्लेषण, कोडिंग, रिसर्च पेपर की समीक्षा और रिपोर्ट तैयार करने जैसे काम तेजी से कर सकेंगे।
लाइफ साइंस रिसर्च में भी मिलेगी AI मदद
OpenAI शोधकर्ताओं को 75 से ज्यादा विशेष लाइफ साइंस टूल्स भी उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इनका इस्तेमाल जेनेटिक्स, जीनोमिक्स, प्रोटीन मॉडलिंग, दवा खोज और जैविक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा। वैज्ञानिक ChatGPT को रिसर्च पेपर, डेटाबेस और अन्य शोध प्लेटफॉर्म से जोड़कर जानकारी जुटाने और उसकी जांच करने में भी इस्तेमाल कर सकेंगे।
AI से बदल सकता है वैज्ञानिक खोजों का भविष्य
OpenAI का मानना है कि AI तकनीक का फायदा केवल बड़े संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कंपनी चाहती है कि अधिक से अधिक वैज्ञानिक आधुनिक तकनीक (Advance ChatGPT AI) का उपयोग कर सकें। AI की मदद से शोधकर्ता समय लेने वाले काम जल्दी पूरा कर पाएंगे और अपना ज्यादा ध्यान नई खोजों और प्रयोगों पर लगा सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह पहल वैज्ञानिक अनुसंधान की गति को नई दिशा दे सकती है।
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