Iran War Impact on Internet: इंटरनेट पर खतरे की आशंका! Iran War की वजह से कनेक्टिविटी पर संकट, भारत ने उठाया ये बड़ा कदम!

Iran War Impact on Internet: ईरान युद्ध के चलते गैस, तेल और इंटरनेट पर असर पड़ने का खतरा है। इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपातकाल में कनेक्टिविटी बनी रहे।

Iran War Impact on Internet: इंटरनेट पर खतरे की आशंका! Iran War की वजह से कनेक्टिविटी पर संकट, भारत ने उठाया ये बड़ा कदम!

(Iran War Impact on Internet/ Image Credit: Pixabay)

Modified Date: March 29, 2026 / 05:52 pm IST
Published Date: March 29, 2026 5:52 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ईरान युद्ध के कारण इंटरनेट कनेक्टिविटी पर असर।
  • टेलीकॉम कंपनियों को बैकअप प्लान तैयार करने के निर्देश।
  • दुनिया में लगभग 95% डेटा समुद्री केबल्स के माध्यम से जाता है।

नई दिल्ली: Iran War Impact on Internet: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले एक महीने से जारी युद्ध का असर अब केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं रह गया है। लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली कई समुद्री इंटरनेट केबल्स को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान ने इन केबल्स को निशाना बनाने की धमकी दी है। यदि ऐसा होता है तो भारत समेत कई देशों में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है। इस खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है और अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश

दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में टेलीकॉम और सबसी केबल ऑपरेटर्स के साथ बैठक कर उन्हें बैकअप प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। युद्ध के कारण केबल्स टूटने या उनकी मेंटेनेंस में देरी होने की आशंका है। सरकार ने कंपनियों से संभावित खतरों की समीक्षा कराने और बैकअप प्लान तैयार करने के लिए समयसीमा की जानकारी मांगी है। इसके अलावा कंपनियों ने इंटरनेट केबल की सुरक्षा के लिए ईरान के साथ बातचीत में मदद भी मांगी है।

समुद्री केबल्स का महत्व

दुनियाभर में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए लगभग 95% डेटा समंदर में बिछाई गई केबल्स के माध्यम से जाता है। भारत में 14 लैंडिंग स्टेशनों पर 17 ऐसी केबल्स मौजूद हैं, जो चेन्नई, मुंबई, कोच्चि और तूतीकोरिन में स्थित हैं। यदि होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर की केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो भारत के इंटरनेट ट्रैफिक को वैकल्पिक रूट्स से डायवर्ट किया जा सकता है। हालांकि इससे इंटरनेट स्पीड पर असर पड़ेगा और वैकल्पिक रूट्स पर लोड बढ़ सकता है।

खतरे की मुख्य जगहें

समंदर में बिछी इंटरनेट केबल्स को वर्तमान में दो प्रमुख जगहों होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में स्थित बाब-अल-मंदाब पर सबसे ज्यादा खतरा है। युद्ध के कारण इन क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पूरा नियंत्रण है, जबकि बाब-अल-मंदाब को ईरान समर्थित हूती विद्रोही ब्लॉक करने की धमकी दे रहे हैं। लाल सागर में पहले से ही स्थिति तनावपूर्ण थी और अब युद्ध के बाद यह और जटिल हो गई है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।