(Meta Layoffs/ Image Credit: AI-generated)
Meta Layoffs: टेक दिग्गज कंपनी मेटा ने एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी शुरू कर दी है। इस बार कंपनी करीब 8 हजार कर्मचारियों कौ नौकरी से बाहर कर रही है। यह कदम कंपनी के बड़े वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा बताया जा रहा है। खास बात यह है कि छंटनी की प्रक्रिया का तरीका भी बहुत अलग और चौंकाने वाला था। जिससे कर्मचारियों में हैरानी और तनाव का माहौल बन गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने छंटनी से पहले कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का निदेश दिया। अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों में कर्मचारियों को अचानक कहा गया कि वे उस दिन ऑफिस न आएं और घर से काम करें। इसके बाद जब सभी कर्मचारी अपने घरों पर थे। तभी नौकरी खत्म होने के ईमेल भेजे जाने लगे। इस फैसले के पीछे कंपनी का मकसद स्पष्ट था ऑफिस में किसी भी तरह की हलचल या विरोध से बचना माना जा रहा है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, छंटनी की शुरुआत सिंगापुर ऑफिस से हुई। वहां प्रभावित कर्मचारियों को स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे ईमेल मिला। जिसमें उनकी नौकरी समाप्त होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद अलग-अलग देशों के टाइम जोन के हिसाब से धीरे-धीरे अन्य कर्मचारियों को भी इसी तरह के नोटिस भेजे गए। इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
मेटा में हो रहे इस बदलाव के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता फोकस मुख्य कारण बताया जा रहा है। कंपनी अब अपने संगठन को AI-आधारित टीमों की ओर शिफ्ट कर रही है। पहले जहां कंपनी में लगभग 78 हजार कर्मचारी थे। अब हजारों लोगों की छंटनी और कई भूमिकाओं में बदलाव किया जा रहा है। साथ ही करीब 6 हजार खाली पदों को खत्म करने का भी फैसला लिया गया है।
छंटनी की खबर पहले ही लीक हो जाने से कंपनी के अंदर माहौल तनावपूर्ण हो गया था। कई कर्मचारियों को अपनी नौकरी को लेकर डर सताने लगा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों ने ऑफिस से जरूरी सामान जैसे फ्री स्नैक्स, स्पेयर लैपटॉप चार्जर और अन्य चीजें घर ले जाना शुरू कर दिया था। इसके अलावा, कर्मचारियों पर डिजिटल ट्रैकिंग को लेकर भी विवाद सामने आया। जिससे नाराजगी और बढ़ गई।
बता दें कि यह स्थिति केवल मेटा तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर चल रहा है। हाल ही में सिस्को ने हजारों कर्मचारियों को निकाला। जबकि ओरेकल ने भी बड़े पैमाने पर नौकरी में कटौती की थी। माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और डिज्नी जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने यहां लागत घटाने और पुनर्गठन के तहत छंटनी कर चुकी है। इससे वैश्विक टेक सेक्टर में अनिश्चितता और चिंता का माहौल बना हुआ है।