Baghdad Drone Attack US Base: अब इस एयरपोर्ट पर मची भीषण तबाही, अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना, इस नए संगठन की हुई वॉर में एंट्री
Baghdad Drone Attack US Base: बगदाद में पश्चिम एशिया का तनाव एक बार फिर भड़क उठा, जब इराकी शिया मिलिशिया ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए एयरपोर्ट क्षेत्र में बड़ा ड्रोन हमला किया है।
BAGDAD ATTACK/ image source: ELINTNews X HANDLE
- बगदाद में इराकी शिया मिलिशिया का हमला
- US के सैन्य ठिकाने पर किया बड़ा ड्रोन अटैक
- एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना को बनाया निशाना
Baghdad Drone Attack US Base: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। लेबनान का शिया हथियारबंद समूह हिज़बुल्लाह ने खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात कही है और इज़रायल के खिलाफ ऑपरेशन का ऐलान किया है।
Ali Khamenei Death: बगदाद में इराकी शिया मिलिशिया का हमला
वहीं, अब खबर आ रही है कि, बगदाद में पश्चिम एशिया का तनाव एक बार फिर भड़क उठा, जब इराकी शिया मिलिशिया ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए एयरपोर्ट क्षेत्र में बड़ा ड्रोन हमला किया है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार हमले का लक्ष्य अमेरिकी सेना की मौजूदगी वाला सैन्य परिसर था, जिससे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया है। लेबनान का शिया सशस्त्र संगठन हिज़बुल्लाह पहले ही खामेनेई की मौत का बदला लेने और इज़रायल के खिलाफ ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा कर चुका है।
C-RAM firing from near the Union 3 base in Baghdad next to the US Embassy amid reports of a drone attack pic.twitter.com/SAdbWnDJZf
— ELINT News (@ELINTNews) July 5, 2021
दुबई, दो मार्च (एपी) इराक की एक शिया मिलिशिया ने सोमवार को दावा किया कि उसने राजधानी बगदाद के हवाई अड्डे पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया। यह हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद की जा रही जवाबी कार्रवाई के दायरे को और बढ़ाता दिखाई देता है। ‘सराया अवलिया अल-दम’ नामक यह समूह उन शिया मिलिशिया संगठनों में से एक है जो 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में हुए आक्रमण के बाद इराक में सक्रिय हुए थे। उस आक्रमण में इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की सरकार गिरा दी गई थी। इस दावे पर अमेरिका और इराक की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब लेबनानी समूह हिजबुल्ला सहित ईरान समर्थित मिलिशिया समूह उस संघर्ष में शामिल हो गए हैं जो अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान की इस्लामी सरकार को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों के बाद शुरू हुआ।
Ali Khamenei Death Impact: खामेनेई की मौत का बदला लेगा हिजबुल्लाह
Hezbollah Attack on Israel: बताया जा रहा है कि हिज़बुल्लाह ने इज़रायल की ओर रॉकेट दागे, जिसके बाद कई इलाकों में सायरन बज उठे। वहीं ईरानी मिसाइलों की चपेट में आकर कई लोगों के मारे जाने की खबर है। हमलों के बीच तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत और पांच के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इधर, खाड़ी देशों पर भी ईरान के हमले लगातार जारी बताए जा रहे हैं। इस बीच इज़रायल के शहर किरयात ओनो पर बड़े हमले की खबर है। कई जगह आसमान में मिसाइलें देखी गईं और हमले के बाद चारों ओर तबाही का मंजर नजर आया।
Iran Israel Missile Strike: लेबनान की राजधानी पर ताबड़तोड़ हमले
Hezbollah Attack on Israel: वहीं इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर लगातार हमले किए। ये हमले तब किए गए जब इससे पहले लेबनानी चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला ने सीमा पार इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं। इस बीच, इजराइली सेना ने लेबनान के लगभग 50 गांवों के लोगों से हमलों की आशंका के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर चले जाने का आग्रह किया है। एक वर्ष से अधिक समय में यह पहला मौका है जब हिजबुल्ला ने इजराइल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इजराइली सेना ने कहा कि उसने सीमा पार से आई एक मिसाइल को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, जबकि कई अन्य मिसाइलें खुले इलाकों में गिरीं। इन हमलों में किसी के घायल होने या नुकसान की सूचना नहीं है। हिजबुल्ला ने एक बयान में कहा कि ये हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और ‘‘इजराइल की बार-बार आक्रामक कार्रवाइयों’’ के जवाब में किए गए हैं।

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