मथुरा (उप्र), 23 मई (भाषा) मथुरा के एक गांव में ग्राम प्रधान की ‘तेरहवीं’ कार्यक्रम का बचा हुआ खाना खाने के बाद शनिवार को एक गौशाला में 10 गायों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनएन शुक्ला ने बताया कि ‘तेरहवीं’ के बाद बड़ी मात्रा में भोजन बच गया था, जिसे 22 मई को गौशाला के जानवरों को दिया गया था।
शुक्ला ने कहा, ‘‘बचा हुआ खाना खाने के बाद कुल 30 गायें एसिडोसिस (शरीर के तरल पदार्थों में एसिड की अधिकता से जुड़ी एक चिकित्सीय स्थिति) के कारण बीमार पड़ गईं। 10 गायों की मौत हो गई। डॉक्टर अन्य 20 गायों को बचाने में कामयाब रहे, जो अब ठीक हैं।’’
यह घटना रिफाइनरी पुलिस थाने के तहत आने वाले भैसा गांव में हुई।
अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान की तेरहवीं 20 मई को थी, जिसके बाद बड़ी मात्रा में बचे हुए खाने को 22 मई को गौशाला में पशुओं को दिया गया।
शुक्ला ने कहा कि 10 पशु चिकित्सकों की एक टीम को गायों के उपचार में लगाया गया और उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा के विशेषज्ञों को भी बुलाया गया।
उन्होंने बताया कि गायों का पोस्टमार्टम किया गया है और नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
भाषा सं जफर गोला
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