मथुरा (उप्र), 22 मई (भाषा) मथुरा में दलित कन्याओं के विवाह के दौरान बारात के पहुंचने पर हुई हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने दो पक्षों के 41 नामित आरोपियों सहित 300 से अधिक लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों पर कथित हमले को लेकर भी अलग से मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 15 लोग नामजद किये गये हैं और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
घटना 20 मई की रात को हाईवे थाना क्षेत्र के नरहौली गांव में हुई जब भगवान दास की बेटियों –लक्ष्मी और पूनम की शादी के लिए गोवर्धन क्षेत्र के भरना कलां गांव से बारात आई। इन दोनों की शादी नेमीचंद के बेटों अशोक और कुलदीप से हो रही थी।
आरोप है कि शादी समारोह के दौरान जब बारात ऊंची जाति के इलाके में घुसी तो उस पर पथराव किया गया, जिससे झड़पें शुरू हो गईं।
हालांकि, दूसरे पक्ष ने दावा किया कि कथित तौर पर जाति-आधारित अपमानजनक टिप्पणियों वाले गाने बजाने एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के बाद विवाद बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब स्थानीय निवासियों ने विरोध किया, तो जुलूस के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की और घरों में घुसकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि अपराध शाखा को इस घटना की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने के लिए सोशल मीडिया पर प्रसारित सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप की जांच की जा रही है।
हाईवे के थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि घायल बुजुर्ग महिला शांति उर्फ संतोषी देवी की बहू राधा ने दलित समुदाय के 17 लोगों और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
नामित लोगों में दुल्हन के भाई भी शामिल हैं। एक अन्य शिकायत में, दुल्हनों के भाई दिलीप ने 20 अज्ञात लोगों के अलावा 24 लोगों के विरूद्ध नामजद शिकायत दर्ज करायी है।
पुलिस ने कहा कि एहतियात के तौर पर कई थानों से अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने दोनों समुदायों के सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि घायल बुजुर्ग महिला की हालत में सुधार हुआ है और उन्हें शुक्रवार शाम तक अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।
पुलिस ने यह भी कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है तथा उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी ने कहा कि घटना के संबंध में दर्ज तीन मामलों की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा किए जाने की संभावना है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।
भाषा सं जफर राजकुमार
राजकुमार