न्यायाधीश की अदालत से हत्या के 100 मामले स्थानांतरित, चार माह में सुनाई थी 22 को फांसी की सजा

न्यायाधीश की अदालत से हत्या के 100 मामले स्थानांतरित, चार माह में सुनाई थी 22 को फांसी की सजा

न्यायाधीश की अदालत से हत्या के 100 मामले स्थानांतरित, चार माह में सुनाई थी 22 को फांसी की सजा
Modified Date: August 19, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: August 19, 2026 9:55 pm IST

मुजफ्फरनगर, 19 अगस्त (भाषा) जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकुमार दिवाकर के समक्ष लंबित हत्या के करीब 100 मामले जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से चार माह में 10 मामलों में 22 लोगों को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद यह प्रशासनिक आदेश दिया गया है।

शासकीय वकील कुलदीप कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि न्यायाधीश दिवाकर की अध्यक्षता वाली त्वरित सुनवाई अदालत से ऐसे लंबित मामले जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत में स्थानांतरित कर दिए गए हैं जिनमें मौत या आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि न्यायाधीश दिवाकर की अदालत से मौत की सजा दिए जाने की आशंका को लेकर वकीलों और वादकारियों के बीच चिंता थी।

उन्होंने कहा कि जिला न्यायाधीश ने मंगलवार को प्रशासनिक आदेश जारी कर इन मामलों को अपनी अदालत में वापस मंगाने का निर्णय लिया।

पिछले चार महीनों में दिवाकर की अदालत ने 10 मामलों में फैसला सुनाया है, जिनमें कुल 22 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है।

भाषा सं जफर खारी

खारी


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