संभल में कांवड़ियों के लिए 130 किलोमीटर मार्ग गड्ढामुक्त किया गया

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संभल में कांवड़ियों के लिए 130 किलोमीटर मार्ग गड्ढामुक्त किया गया

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 03:05 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 03:05 PM IST

संभल (उप्र), 31 जुलाई (भाषा) संभल जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि कांवड़ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 130.33 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्गों को गड्ढामुक्त कर दिया गया है।

प्रशासन ने कहा कि इसके साथ ही ‘शून्य त्रुटि’ कार्ययोजना के तहत व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है तथा 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

जिलाधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक पवन प्रताप सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे जिले को पांच जोन में विभाजित किया गया है और निगरानी के लिए 12,456 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी देखरेख एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिले के नौ प्रमुख कांवड़ मार्गों पर नौ विशेष मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 17 थाना क्षेत्रों में 34 पालियों के अनुसार मजिस्ट्रेट तथा प्रमुख शिव मंदिरों में 44 मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।

पवन प्रताप सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं को नंगे पैर चलने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने 130.33 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्गों की मरम्मत कर पूरी तरह गड्ढामुक्त कर दिया है।

उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग ने करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 1,775 बिजली के खंभों पर सुरक्षा आवरण लगाया है तथा 233 ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षित घेराबंदी की गई है। इसके अलावा 225 स्थानों पर लटकी बिजली के तारों को ठीक किया गया।

रात्रिकालीन आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए कांवड़ मार्गों, गंगा घाटों, शिव मंदिरों और शिविरों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। साथ ही विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर मार्गों के दोनों ओर की झाड़ियां हटाई गई हैं और बड़े कूड़ेदान रखे गए हैं।

जिले के पांच प्रमुख गंगा घाट—राजघाट, संकरा घाट, साधुमणि घाट, असदपुर घाट और हरिबाबा बांध घाट—पर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए अवरोधक और चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रमुख मार्गों, शिव मंदिरों और घाटों पर चौबीसों घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकीय दल तैनात किए हैं। वहीं, घाटों और नहरों पर पर्याप्त संख्या में गोताखोर भी नियुक्त किए गए हैं।

प्रशासन ने पिछले पांच वर्षों के दौरान कांवड़ यात्रा के दौरान हुई घटनाओं का विश्लेषण कर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया है।

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कहा कि संभल जिले में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने ‘शून्य त्रुटि’ कार्ययोजना लागू की है।

भाषा सं राजेंद्र खारी

खारी