आगरा की अदालत ने जामा मस्जिद मामले में सरकार और एएसआई को बनाया पक्षकार

आगरा की अदालत ने जामा मस्जिद मामले में सरकार और एएसआई को बनाया पक्षकार

आगरा की अदालत ने जामा मस्जिद मामले में सरकार और एएसआई को बनाया पक्षकार
Modified Date: February 28, 2024 / 10:07 pm IST
Published Date: February 28, 2024 10:07 pm IST

आगरा (उप्र), 28 फरवरी(भाषा)आगरा में जामा मस्जिद बनाम कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर मामले में गत सोमवार को यहां की स्थानीय अदालत में सुनवाई हुई और इस दौरान अदालत ने देवकीनंदन ठाकुर की ओर से दाखिल अर्जी पर दो नये पक्षकार बनाए।

देवकीनंदन का पक्ष रख रहे विनोद कुमार शुक्ल ने बुधवार को बताया कि सात दिन के अंदर दोनों पक्षकारों को समन भेजने के आदेश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष की ओर से आये दो प्रार्थना पत्रों को खारिज कर दिया है। अब इस मामले में 15 मार्च को सुनवाई होगी।

उन्होंने बताया कि न्यायाधीश मृत्युंजय श्रीवास्तव ने सुनवाई के दौरान भारत सरकार एवं पुरातत्व विभाग को पक्षकार बनाये जाने का आदेश पारित किया।

न्यायाधीश ने दोनों पक्षकारों को 15 मार्च को जबाव प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया है।

शुक्ला के मुताबिक भगवान सिंह लोधी एवं इरशाद अली की ओर से पक्ष बनाने के लिए दी गई अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया है।

शुक्ला ने बताया कि उन्होंने अदालत से भारत सरकार एवं पुरातत्व विभाग को पक्षकार बनाये जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद की ‘‘सीढ़िय़ों के नीचे विग्रह के दबे होने’’ का दावा करते हुए पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे कराये जाने के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया गया था।

उन्होंने बताया कि अर्जी में जामा मस्जिद के अंदर अमीन तैनात करने और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई) के तकनीशियनों से जामा मस्जिद की सीढ़िय़ों का सर्वे कराने का अनुरोध किया गया था।

शुक्ला के मुताबिक इस विषय पर अगली सुनवाई के दौरान बहस होगी।

भाषा सं. नोमान धीरज वैभव

वैभव


लेखक के बारे में