हरदोई, 30 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले स्थित गढ़ी रसूलपुर गांव पहुंचे और एक युवती की नृशंस हत्या के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की।
उन्होंने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। पार्टी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यादव ने राम रईस कुशवाह नाम के व्यक्ति की बेटी की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया और परिवार से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की।
यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन में उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराधों में ‘नंबर एक’ बन गया है और इस घटना की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 अप्रैल को शिल्पी कुशवाह की ऋषभ दीक्षित नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी।
उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
यादव ने संवाददाताओं से कहा, “यह बेहद दिल दहला देने वाली घटना है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। इस दुख की घड़ी में हम परिवार के साथ खड़े हैं।”
उन्होंने राज्य प्रशासन पर आरोप लगाया कि पीड़िता ने मदद के लिए कई बार स्थानीय थाने और पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया था लेकिन उसकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
यादव ने कहा, “बेटी स्वयं पुलिस के पास गई लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। दोषियों और उन्हें बचाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लापरवाह अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार का स्थानीय जांच पर से भरोसा उठ गया है और वह चाहता है कि मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए।
सपा प्रमुख ने बताया कि इस संबंध में सरकार को औपचारिक पत्र भी लिखा जाएगा।
यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन, प्रसूताओं के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा और जनसुनवाई पोर्टल जैसी व्यवस्थाएं संचालित थीं जबकि वर्तमान सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक अपराध उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं और प्रदेश इस मामले में शीर्ष पर है।
यादव ने यह भी आरोप लगाया कि गाजीपुर में एक अन्य मामले में जब समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल न्याय दिलाने गया, तो वहां प्रभावशाली लोगों ने विरोध किया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ और फतेहपुर में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं तथा इन मामलों में न्याय अधूरा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
भाषा जफर जितेंद्र
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