ओटावा, 30 अप्रैल (भाषा) कनाडा में एक बच्चे के अपहरण के मामले में 18 महीने की सजा काट रहे भारतीय मूल के एक व्यक्ति को जेल की अवधि पूरी होने के बाद स्वदेश निर्वासित किया जा सकता है। एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।
सीटीवी न्यूज की खबर के अनुसार मनोज गोविंदबलुनिकम (37) को 2023 में थेस्सालोन में एक बच्चे के अपहरण के मामले में इस महीने की शुरुआत में सजा सुनाई गई थी।
न्यायाधीश माइकल वार्पियो ने 21 अप्रैल को सॉल्ट कोर्टहाउस में यह फैसला सुनाया।
गोविंदबलुनिकम ने आरोपों को स्वीकार कर लिया जबकि उनके वकील ने उन्हें भारत भेजे जाने से बचाने के लिए सशर्त रिहाई की मांग की।
हालांकि, बताया जा रहा है कि “छह महीने या उससे अधिक अवधि की जेल की सजा के कारण गोविंदबलुनिकम आव्रजन एवं शरणार्थी संरक्षण अधिनियम के तहत अयोग्य हो जाएगा, जिसकी वजह से उसे निर्वासित किया जा सकता है।
खबर के अनुसार, 2023 में थेस्सालोन में गोविंदबलुनिकम ने नौ वर्षीय पीड़ित से बात की, उसे एक फिरकी देने की पेशकश की और अपना बिजनेस कार्ड दिया। बाद में उसने बच्चे को घर छोड़ने की पेशकश की।
अदालती दस्तावेज के हवाले से कहा गया है, “गोविंदबलुनिकम वाहन चलाकर घर की ओर गया और जब वे वहां पहुंचे, तो पीड़ित ने उन्हें गाड़ी रोकने को कहा।
दस्तावेजों के अनुसार गोविंदबलुनिकम ने गति धीमी की, लेकिन गाड़ी नहीं रोकी और घर से आगे निकल चला गया।
गोविंदबलुनिकम के वकील ने दावा किया कि पूरा मामला “गलतफहमी” पर आधारित है।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष