Aliganj Fire Incident: मौत की बिल्डिंग पर एलडीए का बड़ा एक्शन, ऐसे खत्म हो गई थी 15 जिंदगियां

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Aliganj Fire Incident: लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद संबंधित इमारत पर नोटिस चस्पा कर जवाब मांगा है।

  • Reported By: Bhasha

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 12:17 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 01:55 PM IST

Aliganj Fire Incident/Photo Credit: Social Media

HIGHLIGHTS
  • अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA ने इमारत पर नोटिस चस्पा कर 15 दिन में जवाब मांगा
  • आवासीय स्वीकृति वाले भवन का कथित तौर पर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था
  • संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है

लखनऊAliganj Fire Incident: UP के लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अलीगंज स्थित उस इमारत पर बुधवार को नोटिस चस्पां किया, जहां इस सप्ताह भीषण आग लगने की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि इमारत के मालिक को 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि नोटिस इमारत संबंधी उपनियमों के कथित उल्लंघन और परिसर के अनधिकृत उपयोग से संबंधित है। यह इमारत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत थी, लेकिन इसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित अवधि समाप्त होने और इमारत के मालिक का जवाब प्राप्त होने के बाद संरचना को ध्वस्त करने सहित आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्राधिकरण (Aliganj Fire Incident) ने 23 जून को नोटिस जारी किया था और सुनवाई की तिथि सात जुलाई निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत मारत के मालिक को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का अवसर देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, ‘‘इस अवधि के दौरान प्राप्त किसी भी जवाब की जांच की जाएगी और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है और अंततः ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया जाता है, तो प्राधिकरण भवन को गिराने की कार्रवाई करेगा।’’ कुमार ने बताया कि एलडीए ने इमारत संबंधी उपनियमों के उल्लंघन और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ शहरव्यापी अभियान चलाने के लिए सात टीमें गठित की हैं।

Aliganj Fire Incident एलडीए अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2016 में भी इस तीन मंजिला इमारत की जांच की गई थी। उस समय पाया गया था कि स्वीकृत आवासीय नक्शे से अधिक निर्माण किया गया था और इमारत का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इमारत के अनधिकृत हिस्से को गिराने का आदेश मई 2016 में जारी किया गया था। हालांकि, दो महीने से भी कम समय बाद इमारत के मालिक की उस आपत्ति के आधार पर कार्रवाई वापस ले ली गई, जिसमें उसने कहा था कि आदेश पारित करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया था।

अधिकारियों ने कहा कि अभिलेखों से पता चलता है कि ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने का निर्णय उसी अधिकारी ने लिया था जिसने पहले इसे गिराने का आदेश दिया था। इस निर्णय की परिस्थितियों की अब जांच की जा रही है।

अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू 

Aliganj Fire Incident उपाध्यक्ष ने बताया कि एलडीए ने उस समय मामले को देखने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अभिलेख तलब किए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भवन आधिकारिक अभिलेखों में आवासीय दर्ज रहने के बावजूद व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल होता रहा और उसके खिलाफ आगे कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इमारत के मालिक ने मूल रूप से स्व-प्रमाणीकरण योजना के तहत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति प्राप्त की थी। प्राधिकरण यह भी जांच कर रहा है कि एलडीए कर्मियों और अन्य विभागों की किसी चूक के कारण परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां जारी रहीं या नहीं।

एलडीए ने मंगलवार को ध्वस्तीकरण नोटिस दोबारा जारी किया था और आवासीय भवन को व्यावसायिक प्रतिष्ठान के रूप में संचालित होने देने में कथित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की थी।

हादसे में 15 लोगों की मौत

अलीगंज में स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई थी। इस भवन में एक एनीमेशन केंद्र संचालित होता था। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य घायल हुए। जांच एजेंसियां इस त्रासदी के संबंध में भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघनों की जांच कर रही हैं।

अब तक चार गिरफ्तार

Aliganj Fire Incident इस बीच, पुलिस ने इमारत के मालिक और परिसर से संचालित अन्य प्रतिष्ठानों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब तक चार लोगों – भवन स्वामी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग संस्थान के निदेशक तुषांक कृष्ण जायसवाल, आईटी पेशेवर सुरेश कुमार साहू और पालतू पशु दुकान के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय – को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांचकर्ता भवन के संचालन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, अग्निशमन विभाग की मंजूरियों और अन्य वैधानिक अनुमतियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहे हैं। साथ ही, हादसे के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

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अलीगंज अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई थी?

इस भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 9 अन्य घायल हुए थे।

LDA ने भवन मालिक को क्या नोटिस जारी किया है?

LDA ने भवन नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग को लेकर नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।

क्या इमारत को गिराया जा सकता है?

यदि भवन मालिक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो LDA ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता है।

मामले में अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है?

अब तक भवन मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच में किन पहलुओं को देखा जा रहा है?

जांच एजेंसियां भवन निर्माण, अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन, विभागीय मंजूरियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।