लखनऊ, 14 मई (भाषा) राहुल गांधी के ख़िलाफ़ याचिकाएं दाखिल करके इन दिनों सुर्खियों में चल रहे कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा की अनुरोध वाली एक याचिका को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने निस्तारित करते हुए केंद्र सरकार को इस संबंध में निर्णय लेने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने कहा है कि याचिकाकर्ता ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रत्यावेदन दिया है, जिस पर तीन सप्ताह में निर्णय लिया जाए।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को कर्नाटक स्थित भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश दिया। शिशिर हाल में राहुल गांधी के खिलाफ ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा कवर की मांग करते हुए याचिका दायर करने के लिए सुर्खियों में रहे हैं।
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने पहले ही केंद्र के समक्ष एक अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिया है और उस पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ़ व न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया।
इससे पहले, 28 अगस्त, 2025 को इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से एक निजी सुरक्षा अधिकारी तैनात करके याचिकाकर्ता को चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था।
हालांकि, एक नए आवेदन के माध्यम से, याचिकाकर्ता ने ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा की मांग की। उन्होंने तर्क दिया है कि उनके खिलाफ खतरे की धारणा काफी बढ़ गई है और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था अपर्याप्त है। उन्होंने अपने आवास पर सुरक्षा की भी मांग की।
केंद्र की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एसबी पांडे ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है कि जेड-प्लस सुरक्षा की मांग करने वाले याचिकाकर्ता के प्रतिनिधित्व पर कोई निर्णय लिया गया है या नहीं।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया।
भाषा सं जफर राजकुमार
राजकुमार