वाराणसी, 29 जुलाई (भाषा) केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को कहा कि संविधान में मौजूद समानता और भाईचारे के सिद्धांत संत रविदास की शिक्षाओं से प्रेरित थे जिनका जिक्र बी आर आंबेडकर ने संविधान सभा में परिचर्चा के दौरान किया था।
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा, “ एक समानतावादी समाज बनाने की दिशा में जारी प्रयासों को संत रविदास की शिक्षा लगातार प्रेरित कर रही है।”
उन्होंने कहा, “हम न केवल संत रविदास का सम्मान करते हैं, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलने का भी प्रयास करते हैं। संविधान सभा में परिचर्चा के दौरान जब बाबा साहेब से पूछा गया कि क्या स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के विचार फ्रांस क्रांति से लिए गए हैं, तो उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि समानता और भाईचारा संत रविदास के सिद्धांतों से लिया गया है, जबकि स्वतंत्रता वैशाली गणराज्य और बौद्ध साहित्य से आया है। इन सभी की जड़े भारतीय दर्शन में हैं।”
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपनी शिक्षाओं के जरिए समानता, सामाजिक न्याय और प्रेम के मूल्यों को प्रचारित किया और जाति एवं धर्म आधारित भेदभाव को खत्म करने के लिए जीवनभर कार्य किया।
भाषा सं राजेंद्र जोहेब
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