बबुआ दोपहर में उठते हैं, शाम को जिम जाते हैं, अखिलेश के पास जनता के लिए समय नहीं: योगी
बबुआ दोपहर में उठते हैं, शाम को जिम जाते हैं, अखिलेश के पास जनता के लिए समय नहीं: योगी
बुलंदशहर, 18 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उनकी दिनचर्या पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के पास न तो जनता से मिलने का समय था और न ही उनके बारे में सोचने का।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि सपा अध्यक्ष के पास युवाओं और किसानों के लिए कोई स्पष्ट दृष्टि नहीं थी।
योगी ने बुलंदशहर में 574 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में पूरा देश लाभान्वित हो रहा है। उनके नेतृत्व में हम विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2017 से पहले स्थिति बिल्कुल अलग थी।’’
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘उस समय ‘बबुआ’ दोपहर में उठते थे और दोपहर दो बजे तक तैयार होते थे। शाम पांच बजे जिम जाने का समय हो जाता था और उसके बाद अपनी महफिल में व्यस्त हो जाते थे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय जनता से मिलने या उनकी समस्याएं सुनने के लिए समय नहीं था।
योगी ने दावा किया कि सपा अध्यक्ष के पास युवाओं, गरीबों, महिलाओं, किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जनता के लिए समय कहां था? लोगों से मिलने का समय कहां था? युवाओं, गरीबों, महिलाओं, देश का पेट भरने वाले किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए उनके पास कोई विजन नहीं था। उन्होंने पहले भी कुछ नहीं किया और भगवान राम ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि भविष्य में भी वे कुछ न कर सकें।’’
योगी ने दावा किया कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हो गईं, जिनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज चीनी मिलें बेची नहीं जा रहीं, बल्कि ‘डबल इंजन’ की भाजपा सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का काम कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम लगातार काम कर रहे हैं और हमारी प्रतिबद्धता ही हमारी प्रेरणा है। लेकिन जिन्ना के उपासकों ने गन्ना किसानों को भी धोखा दिया। उन्होंने किसानों और युवाओं का शोषण किया, माताओं और बहनों की सुरक्षा से समझौता किया तथा व्यापारियों और उद्यमियों को भय और आतंक के माहौल में जीने के लिए मजबूर कर दिया।’’
योगी ने दावा किया कि इन नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश उस श्रेणी से बाहर निकल चुका है।’’
भाषा आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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