बलिया (उप्र), 17 मार्च (भाषा) बलिया की एक अदालत ने एक चारदीवारी के सीमांकन को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प में दो लोगों की हत्या के करीब 10 साल पुराने मामले में दोनों पक्षों के 13 लोगों को दोषी करार दिया है।
अभियोजन विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि अदालत ने एक पक्ष के आठ लोगों को आजीवन कारावास तथा दूसरे पक्ष के पांच लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जिला न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अदालत ने सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी करने और दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एक पक्ष के आरोपी सुनील राय, आशुतोष राय, आनन्द राय, चंदन राय, अश्विनी राय, सोनू राय, प्रकाश राय और आलोक राय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी और उन पर संयुक्त रूप से 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
सिंह ने बताया कि जिला न्यायाधीश ने सोमवार को ही दूसरे पक्ष के रिपुंजय राय, नीरज राय, गिरिजा किशोर राय, राजेंद्र राय और रजनीश राय को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कारावास की सजा सुनायी और उन पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बनहरा गांव में 15 जुलाई 2015 को दोपहर में उप जिलाधिकारी के निर्देश पर सिकंदरपुर के नायब तहसीलदार एक चारदीवारी का सीमांकन कर रहे थे। उसी दौरान दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई।
रिपुंजय राय द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, उन पर योजनाबद्ध तरीके से हथियारों से हमला किया गया, जिसमें निर्मल राय और गणेश राय गंभीर रूप से घायल हो गए और दोनों की मौत हो गई। इस हमले में मुकदमे के वादी रिपुंजय राय, गिरिजा किशोर राय और राजेंद्र राय भी घायल हुए।
मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें सजा सुनायी।
भाषा सं आनन्द गोला
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