Alankar Agnihotri City Magistrate: “साला पंडित पागल हो गया है”.. इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने कलेक्टर पर लगाए सनसनीखेज आरोप, सुनें आप भी..

Ads

Alankar Agnihotri City Magistrate: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि सरकार द्वारा दिया गया पद छोड़ने के बाद भी धर्म के क्षेत्र में उन्हें उससे बड़ा दायित्व देने का प्रस्ताव है।

  •  
  • Publish Date - January 27, 2026 / 09:58 AM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 10:09 AM IST
HIGHLIGHTS
  • सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित
  • विभागीय जांच के आदेश जारी
  • शंकराचार्य से जुड़ा मामला चर्चा में

बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। (Alankar Agnihotri City Magistrate) उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। बरेली मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रशासन पर लगाए थे गंभीर आरोप

यह कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद हुई है, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कथित तौर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मामले और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने शंकराचार्य के शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया था और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया था कि उन्हें जिलाधिकारी आवास पर बंधक जैसी स्थिति में रखा गया और प्रशासनिक दबाव बनाया गया। (Alankar Agnihotri City Magistrate) उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को ‘काला कानून’ करार देते हुए कहा था कि ये नियम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

मेल से भेजा था इस्तीफा

यूजीसी के नए नियमों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र के गठन का प्रावधान किया गया है, ताकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके। बताया गया है कि प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर की बात

इस बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि सरकार द्वारा दिया गया पद छोड़ने के बाद भी धर्म के क्षेत्र में उन्हें उससे बड़ा दायित्व देने का प्रस्ताव है। (Alankar Agnihotri City Magistrate) इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई नेताओं ने इसे प्रशासनिक दबाव का परिणाम बताया है। फिलहाल, राज्य सरकार द्वारा गठित विभागीय जांच के रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. अलंकार अग्निहोत्री को क्यों निलंबित किया गया?

👉 प्रशासनिक आरोपों और इस्तीफे से जुड़े मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत।

Q2. जांच अधिकारी के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?

👉 बरेली मंडल आयुक्त को विभागीय जांच अधिकारी बनाया गया है।

Q3. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या बयान दिया?

👉 उन्होंने धर्म क्षेत्र में सरकार से बड़ा दायित्व देने की बात कही।