भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा: मुख्यमंत्री
भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा: मुख्यमंत्री
वाराणसी (उप्र), 29 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को घोषणा की कि भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर उठाया गया है, जो समाज सुधारकों व संतों को सम्मान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वाराणसी में भाजपा का समरसता संकल्प अभियान शुरू करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि यह जिला पूर्व में संत रविदास नगर के तौर पर जाना जाता था और इसे फिर से पुराना नाम दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर, भदोही फिर से संत रविदास नगर के तौर पर जाना जाएगा। हम इस कार्य को पूरा करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि महान समाज सुधारकों के नाम पर सार्वजनिक संस्थानों और स्थानों के नाम रखना समाज को एकजुट करने का एक तरीका है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जिनके आदर्श बाबर एवं औरंगजेब हैं, वे इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि वे समाज को बांटते हैं। जो लोगों को जोड़ते हैं वे स्थानों के नाम, महान हस्तियों के नाम पर रखते हैं।”
उत्तर प्रदेश सरकार ने छह दिसंबर, 2014 को संत रविदास नगर जिले का नाम बदलकर भदोही करने की घोषणा की थी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने लखनऊ में कहा था कि यह निर्णय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया था। उन्होंने कहा था कि जिले का नाम बदलने का निर्णय जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश पर किया गया था।
आदित्यनाथ ने नाम परिवर्तन के कई उदाहरण देते हुए कहा कि जालंधर में हवाईअड्डे का नाम संत रविदास रखा गया, जबकि अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा महर्षि वाल्मिकी के नाम पर है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा अयोध्या में कई सुविधाएं माता शबरी और निषादराज के नाम पर हैं।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार ने कन्नौज जिले में बीआर आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था।
उन्होंने कहा, “ असीम अरुण (कन्नौज से विधायक और मंत्री) ने मुझे बताया कि सपा ने बाबासाहेब के नाम पर बने मेडिकल कालेज का नाम बदल दिया था, तो मैंने उन्हें एक प्रस्ताव भेजने को कहा और हमने बाबा साहेब के सम्मान में कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम बहाल किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने औरैया में मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने समानता, समाजिक सौहार्द और श्रम के सम्मान की शिक्षा दी और जाति आधारित भेदभाव से मुक्त समाज की कल्पना की।
उन्होंने संत रविदास के दृष्टिकोण को साकार करने के प्रयासों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया और कहा कि जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर बिना भेदभाव के सरकार कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।
आदित्यनाथ ने यह घोषणा भी की कि राज्य सरकार सार्वजनिक स्थानों पर संत रविदास, महर्षि वाल्मिकी, बीआर आंबेडकर की प्रतिमाओं के ऊपर सुरक्षात्मक छतरियां लगाएगी।
भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज सुधारकों के नाम पर कल्याणकारी पहल की भी घोषणा की।
आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने निर्माण कर्मियों और उनके परिजन के कल्याण के लिए सभी मंडल मुख्यालयों में 18 अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना करके अप्रत्याशित कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार हर जिले में संत रविदास को समर्पित एक आवासीय स्कूल स्थापित करेगी।
भाषा सं राजेंद्र जोहेब
जोहेब

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