भाजपा सरकार का ‘वृक्षारोपण’ असल में ‘भ्रष्टारोपण’ : अखिलेश

भाजपा सरकार का ‘वृक्षारोपण’ असल में ‘भ्रष्टारोपण’ : अखिलेश

भाजपा सरकार का ‘वृक्षारोपण’ असल में ‘भ्रष्टारोपण’ : अखिलेश
Modified Date: July 12, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: July 12, 2026 6:08 pm IST

लखनऊ, 12 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य सरकार पर वृक्षारोपण अभियान में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए ‘वृक्षारोपण’ दरअसल ‘भ्रष्टारोपण’ का कार्यक्रम बन गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ महा अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत राज्य में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

सपा मुख्यालय की ओर से जारी बयान में अखिलेश ने इस अभियान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “35 करोड़ पेड़ लगाने की बात नहीं है, बल्कि हर पेड़ से कम से कम 10 रुपये यानी कुल 350 करोड़ रुपये कमाने की गुप्त भाजपाई योजना है। जिन्होंने प्रभु का दरबार नहीं छोड़ा, वे बाग-बगीचे क्या छोड़ेंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। हर विभाग और हर काम में लूट है। योजनाएं भ्रष्टाचार करने के लिए बनाई जाती हैं। सरकार ने 10 साल में कागजों पर ही पेड़ लगाए हैं। जमीन पर पेड़ नहीं दिखते। जो कहीं लगे भी, वे पानी के अभाव में सूख गए।”

अखिलेश ने कहा, “सरकार हर साल वृक्षारोपण के नाम पर भ्रष्टाचार की नयी योजना लेकर आती है, लेकिन बजट का बंदरबांट होने के बाद अभियान समाप्त हो जाता है। फिर सालभर सरकार को न पेड़ों की चिंता रहती है और न पर्यावरण की। इस सरकार में पेड़ों और वनों की अवैध कटाई हो रही है।”

उन्होंने कहा कि पर्यावरण के लिए गंभीर संकट पैदा हो रहा है और वायु प्रदूषण के साथ जल प्रदूषण भी बड़ी समस्या बन गया है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने नदियों की सफाई का झूठा वादा किया और इस बाबत मिला बजट भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

उन्होंने कहा, “मां गंगा की सफाई नहीं हुई, न गंगा की सहायक नदियों की सफाई हुई। यमुना नदी बुरी तरह से प्रदूषित है। प्रदेश की तमाम नदियां अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं।”

अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार में लखनऊ में गोमती नदी की सफाई की गई थी और विश्वस्तरीय गोमती रिवरफ्रंट बनाकर नदियों की सफाई का उदाहरण पेश किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट को बर्बाद कर दिया।

भाषा

आनन्द पारुल

पारुल


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