आरक्षण के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बसपा सरकार की जरूरत: मायावती

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आरक्षण के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बसपा सरकार की जरूरत: मायावती

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  • Publish Date - March 31, 2026 / 04:48 PM IST,
    Updated On - March 31, 2026 / 04:48 PM IST

लखनऊ, 31 मार्च (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन ‘बहुजन सरकार’ के बिना संभव नहीं है। उन्होंने सत्ताधारी सरकारों पर इन प्रावधानों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

यहां बसपा के प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें आरक्षण को ‘अप्रभावी और निष्क्रिय’ बना रही हैं।

उन्होंने हाशिए के समुदायों से जुड़े संवैधानिक सुरक्षा उपायों को कमजोर किये जाने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा,‘‘बहुजन समाज की सरकार के बिना आरक्षण को सही इरादे और नीति के साथ लागू करना असंभव है।’’

बसपा के एक बयान के अनुसार, मायावती ने बेरोजगारी और गरीबी जैसे गंभीर मुद्दों को हल करने के बजाय खोखले नारों पर निर्भर रहने के लिए सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और आर्थिक रूप से पिछड़े राज्य में ‘रोजी-रोटी’ की स्थिति बिगड़ रही है, जबकि सरकारें ‘बयानबाजी और वादों’ के जरिये लोगों की कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारें नारों और घोषणाओं के माध्यम से भूख, गरीबी और बेरोजगारी से निपटने की कोशिश कर रही हैं।’’

बसपा प्रमुख ने जोर देकर कहा कि ‘आत्मनिर्भरता सिर्फ एक नारा बनकर नहीं रह सकती’ और इसे ईमानदारी से लागू किया जाना चाहिए ताकि सभी को रोजगार मिले और बहुजन समुदाय के जीवन स्तर में सुधार हो।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या निजी क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता से सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त हो सकती है, और इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार-विमर्श करने का आह्वान किया।

पश्चिम एशिया में तनाव सहित वैश्विक घटनाक्रमों के बीच बढ़ती कीमतों पर प्रकाश डालते हुए मायावती ने कहा कि ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत गरीबों और श्रमिक वर्गों की समस्याओं को और बढ़ा रही है।

उन्होंने सरकार से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और नोटबंदी और कोविड-19 महामारी जैसे संकट को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने का आग्रह किया।

मायावती ने कहा कि देश में विकास समावेशी नहीं है और आरोप लगाया कि यह ‘मुट्ठीभर सत्ताधारी अभिजात्य वर्ग’ तक सीमित है और इससे व्यापक आबादी को लाभ नहीं मिल रहा है।

‘बहुजन-उन्मुख विकास मॉडल’ का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि देश को गरीबों के कल्याण और रोजगार सृजन पर केंद्रित नीतियों की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान उन्होंने संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की और पार्टी नेताओं को आगामी चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर बसपा को मजबूत करने और उसके जनाधार का विस्तार करने का निर्देश दिया।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पार्टी के ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत के अनुरूप, समाज के सभी वर्गों का उचित प्रतिनिधित्व करते हुए उम्मीदवारों का चयन किया जाए।

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 14 अप्रैल को बी आर आंबेडकर की जयंती को पूरी निष्ठा के साथ मनाने का आग्रह किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश भर के समर्थकों से लखनऊ में एकत्र होकर आंबेडकर स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया।

भाषा जफर संतोष

संतोष