बुलंदशहर विवाद: सपा ने अखिलेश यादव के पश्चिमी उप्र संपर्क अभियान के लिए फिर से तैयारी शुरू की

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बुलंदशहर विवाद: सपा ने अखिलेश यादव के पश्चिमी उप्र संपर्क अभियान के लिए फिर से तैयारी शुरू की

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 11:40 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 11:40 PM IST

लखनऊ, 11 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव की आज स्थगित हो चुकी बुलंदशहर यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति को लेकर उठा विवाद भले ही राजनीतिक हलचल का कारण बना हो, लेकिन सपा इस माह के अंत में बुलंदशहर से शुरू होने वाली पश्चिमी उत्तर प्रदेश की रैलियों की एक श्रृंखला की तैयारी कर रही है।

वरिष्ठ सपा नेता और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि यादव की बुलंदशहर यात्रा का एक नया कार्यक्रम आने वाले दिनों में तय किया जाएगा, जिसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों का दौरा किया जाएगा।

चौधरी ने कहा,“इस महीने के कुछ समय बाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष बुलंदशहर जाएंगे और वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले का भी दौरा करेंगे। सहारनपुर को भी उचित समय पर कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।”

पश्चिमी उप्र के इन वरिष्ठ सपा नेता को यह विश्वास है कि 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारी के बीच जनता की भावना मुख्य विपक्षी पार्टी के साथ है।

स्थानीय प्रशासन ने बुलंदशहर में तय जगह पर यादव के हेलिकॉप्टर को उतारने की इजाज़त देने से इनकार कर दिया था। प्रशासन ने लैंडिंग वाली जगह पर पानी जमा होने का हवाला दिया था। इसके बाद सपा ने अपने प्रमुख के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रैलियां करने का कदम उठाया है।

सपा का आरोप है कि पानी जमा होने की बात सिर्फ़ एक ‘बहाना’ थी और इजाज़त न देने के पीछे भाजपा की सरकार का हाथ था।

चौधरी ने प्रशासन की दलील को खारिज करते हुए कहा, ‘‘वहां पानी जमा नहीं था। यह भाजपा की शरारत थी।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी इस घटना से पीछे नहीं हटेगी और सपा प्रमुख उप्र चुनाव से पहले पूरे राज्य का दौरा करेंगे।

जब उनसे पूछा गया कि अगर स्थानीय अधिकारी दूसरे जिलों में यादव की यात्रा या हेलिकॉप्टर लैंडिंग की इजाज़त नहीं देते हैं तो सपा क्या करेगी, तो चौधरी ने कहा कि ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘जनता सब कुछ देख और समझ रही है। सही समय आने पर लोग भाजपा को करारा सबक सिखाएंगे।’’

यादव ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में एक पत्रकार वार्ता में प्रशासन की दलील पर सवाल भी उठाए थे।

उन्होंने बुलंदशहर पुलिस लाइन्स का एक वीडियो दिखाया, जहां उनके हेलिकॉप्टर को उतरना था। उन्होंने दावा किया था कि वहा पानी भरा हुआ नहीं दिख रहा है।

यादव ने तंज कसा, ‘‘ऐसा लग रहा है जैसे बाढ़ आ गई हो और हमें वहां नाव से जाना पड़ेगा।’’

शुक्रवार का प्रस्तावित बुलंदशहर दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम के लिए तय था। प्रशासन ने कहा था कि पानी भरे होने के कारण लैंडिंग की जगह सही नहीं थी।

यह घटना अब और भी अहम राजनीतिक मुद्दा बन गई है क्योंकि सपा 2027 के चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

यह इलाका, जहां जाट, मुस्लिम और किसान समुदाय बड़ी संख्या में हैं, पारंपरिक रूप से चुनावी लड़ाई का एक अहम मैदान रहा है।

सपा के आगामी राजनीतिक प्रचार अभियानों में सहारनपुर भी शामिल हो सकता है। हाल ही में कलेक्ट्रेट परिसर में एक मस्जिद के ढांचे को गिराए जाने के बाद इस जिले में राजनीतिक और कानूनी विवाद हुआ था।

यादव भाजपा पर सांप्रदायिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाते हुए हमला भी करते रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी राजनीति का मकसद महंगाई, बेरोजगारी और लोगों को प्रभावित करने वाले अन्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर सपा का नया ‘फोकस’ राष्ट्रीय लोक दल के साथ बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच आया है। रालोद पहले इस इलाके में सपा की सहयोगी थी, लेकिन अब भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है।

भाषा मनीष जफर

राजकुमार

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