UP Build Strong Educational Foundation: 3 से 6 वर्ष के बच्चों की मजबूत शैक्षिक नींव तैयार करेगी योगी सरकार, बालवाटिकाओं को बनाया जाएगा पूरी तरह क्रियाशील

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उत्तर प्रदेश सरकार 3 से 6 वर्ष के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मजबूत करने के लिए बालवाटिकाओं को पूरी तरह क्रियाशील बनाएगी। खेल आधारित गतिविधियों, चार लर्निंग कॉर्नर, बालमैत्री फर्नीचर और टीएलएम के जरिए बच्चों के समग्र विकास पर जोर दिया जाएगा।

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 11:33 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 11:34 PM IST

UP Build Strong Educational Foundation || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • 3 से 6 वर्ष के बच्चों पर फोकस
  • बालवाटिकाओं में चार लर्निंग कॉर्नर
  • जनपद स्तर पर बनेगा ECCE कोर ग्रुप

UP Build Strong Educational Foundation: लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 3 से 6 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों की शैक्षिक नींव मजबूत करने के लिए बालवाटिकाओं को पूरी तरह क्रियाशील बनाने पर जोर दे रही है। खेल एवं गतिविधि आधारित सीखने के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक भाषा, साक्षरता एवं संख्याज्ञान के साथ शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक-संवेगात्मक-नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास को गति दी जाएगी, ताकि वे कक्षा-1 की औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार हो सकें।

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इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, डायट प्राचार्यों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

10 प्रमुख व्यवस्थाओं से सजेगी बालवाटिका

विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका के रूप में क्रियाशील करते हुए बच्चों के लिए कक्षा-कक्ष अथवा सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं ईसीसीई एजुकेटर/प्री-प्राइमरी नोडल अध्यापक के माध्यम से न्यूनतम तीन घंटे का समयबद्ध गतिविधि कार्यक्रम संचालित होगा। दक्षता आधारित कैलेंडर के अनुसार गतिविधियां होंगी और उसे बालवाटिका में प्रदर्शित किया जाएगा। बच्चों का समग्र प्रगति पत्र तैयार कर वर्ष में कम से कम दो बार अभिभावकों को प्रगति से अवगत कराया जाएगा। हर बालवाटिका में ब्लॉक, पुस्तक, कला/क्राफ्ट तथा प्रदर्शन/नाटक कॉर्नर विकसित होंगे। आयुसंगत अभ्यास पुस्तिकाओं एवं कार्यपत्रकों के साथ एससीईआरटी की ‘चहक-1, 2, 3’, ‘कदम’ और ‘कलांकुर’ का उपयोग होगा। बालमैत्री फर्नीचर, टीएलएम, प्रिंट रिच वातावरण, खेल सामग्री और ‘वंडर बॉक्स/जादुई पिटारा’ की व्यवस्था भी की जाएगी। उपलब्ध स्थान के अनुसार खेल क्षेत्र, आउटडोर प्ले सामग्री, बालमैत्री हैंडवॉश यूनिट एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

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नामांकन से लेकर स्थानांतरण तक होगी निगरानी

UP Build Strong Educational Foundation: को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के सेवित क्षेत्र में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रधानाध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सुपरवाइजर और खंड शिक्षा अधिकारी के बीच समन्वय किया जाएगा। प्रभावी अनुश्रवण और अंतर्विभागीय समन्वय के लिए जनपद स्तर पर ईसीसीई कोर ग्रुप गठित होगा। इसमें निपुण/प्रशिक्षण के जिला समन्वयक, एसआरजी, डायट प्रतिनिधि, एआरपी, शिक्षक संकुल और बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल होंगे। विद्यालयों की 200 मीटर परिधि में गैर-विभागीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराने की प्रक्रिया की भी निगरानी होगी। कोर ग्रुप बालवाटिकाओं के संसाधन, प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन, सपोर्टिव सुपरविजन तथा समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगा।

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Q1. बालवाटिका योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

3 से 6 वर्ष के बच्चों को कक्षा-1 की औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना मुख्य उद्देश्य है।

Q2. बालवाटिका में कौन-कौन से लर्निंग कॉर्नर होंगे?

हर बालवाटिका में ब्लॉक, पुस्तक, कला-क्राफ्ट और प्रदर्शन-नाटक के चार लर्निंग कॉर्नर होंगे।

Q3. बच्चों की उपस्थिति को लेकर क्या लक्ष्य तय किया गया है?

बालवाटिकाओं में नामांकित बच्चों की न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया गया है।