CM Yogi Cabinet Decision: प्रदेश में यहां लगेगा एथेनॉल प्लांट, योगी कैबिनेट के इस फैसले से हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

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CM Yogi Cabinet Decision: मथुरा में लगेगा एथेनॉल प्लांट, योगी कैबिनेट के इस फैसले से हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 11:36 AM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 11:37 AM IST

CM Yogi Cabinet Latest Decision: प्रदेश में यहां लगेगा एथेनॉल प्लांट, योगी कैबिनेट के इस फैसले से हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • मथुरा में एथेनॉल प्लांट: छाता चीनी मिल में 3.96 करोड़ लीटर क्षमता का प्लांट लगेगा
  • ₹200 करोड़ से अधिक लागत: गन्ने के बाद मक्का-धान से भी एथेनॉल बनेगा
  • रोजगार के अवसर: परियोजना से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

लखनऊ। CM Yogi Cabinet Decision: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट (Mathura Ethanol Plant) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बताया कि 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाला यह एक्सटेंशन प्लांट साल में 11 महीने संचालित होगा।

19 साल पहले हो गई थी बंद

CM Yogi Cabinet Decision उन्होंने बताया कि यह मिल (UP Ethanol Plant) 19 साल पहले बंद हो गई थी। समाजवादी पार्टी के सरकार के दौरान इसको एक रुपए का भुगतान नहीं किया गया। प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी। गन्ना पेराई का सीजन समाप्त होने के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा।

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Ethanol Plant Uttar Pradesh छाता चीनी मिल की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी को भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं हैं। परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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मथुरा में एथेनॉल प्लांट कहां लगेगा?

एथेनॉल प्लांट छाता चीनी मिल परिसर में स्थापित किया जाएगा।

एथेनॉल प्लांट की उत्पादन क्षमता कितनी होगी?

प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी।

एथेनॉल प्लांट बनाने में कितनी लागत आएगी?

परियोजना पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने की बात कही गई है।

एथेनॉल किन फसलों से बनाया जाएगा?

गन्ने की पेराई का सीजन खत्म होने के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा।

परियोजना से क्या फायदा होगा?

इस परियोजना से क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।