सावन के आखिरी सोमवार को प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के आखिरी सोमवार को प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के आखिरी सोमवार को प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Modified Date: August 24, 2026 / 03:33 pm IST
Published Date: August 24, 2026 3:33 pm IST

वाराणसी/मथुरा/बाराबंकी, 24 अगस्त (भाषा) सावन के आखिरी सोमवार को उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर, मथुरा-वृंदावन के प्रमुख शिवालयों और बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

वाराणसी में मंगला आरती के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक शुरू कर दिया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह सात बजे तक करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। मंदिर को फूलों और रुद्राक्ष की मालाओं से सजाया गया था। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए उन पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा भी की गई।

भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छाया, पेयजल, चिकित्सा शिविर और खोया-पाया केंद्र की भी व्यवस्था की गई।

मथुरा में बारिश के बावजूद प्रमुख शिव मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों में ‘फूल बंगला’, ‘छप्पन भोग’ और रुद्राभिषेक सहित कई विशेष आयोजन किए गए। वृंदावन के ऐतिहासिक गोपेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से भक्तों ने पूजा-अर्चना की। शाम को मंदिर में ‘फूल बंगला’ सजाया गया।

मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

बाराबंकी के प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर में रविवार शाम से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर के कपाट आधी रात के आसपास खोल दिए गए। मंदिर परिसर में ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे।

हजारों कांवड़िये डाक कांवड़ के माध्यम से भी लोधेश्वर महादेव पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, दूध और गंगाजल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने रविवार रात से ही मेला क्षेत्र में मौजूद रहकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की निगरानी की।

भाषा सं जफर मनीषा रंजन

रंजन


लेखक के बारे में