उप्र के बलिया में हत्या कर साक्ष्य छुपाने के आरोपी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा

Ads

उप्र के बलिया में हत्या कर साक्ष्य छुपाने के आरोपी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा

  •  
  • Publish Date - August 21, 2026 / 01:21 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 01:21 PM IST

बलिया (उप्र) 21 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की एक अदालत ने एक व्यक्ति की गला रेतकर हत्या कर साक्ष्य छुपाने के 15 साल पुराने मामले में आरोपी पिता एवं पुत्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

बलिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमवीर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश राम कृपाल की अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर दोनों आरोपी पिता राजेंद्र सोनार और पुत्र अमित को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के टकरसन गांव के विजय यादव का शव मनियर थाना क्षेत्र के घोंघा पुल के नीचे बोरे में मिला था। विजय 13 जनवरी 2011 को जिला मुख्यालय एक निजी कार्य के लिए गए थे।

इस मामले में मृतक के बेटे राम प्रवेश यादव की तहरीर पर बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के जापलिनगंज नया चौक मोहल्ले के राजेन्द्र सोनार और उसके पुत्र अमित उर्फ मन्टू के विरुद्ध पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छुपाने की धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि विजय यादव अपना दिया गया उधार धन मांगने राजेंद्र के घर गए थे, तभी राजेंद्र और उसके बेटे अमित ने विजय की गला रेतकर हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने मंशा से शव को क्षत विक्षत कर बोरे में बांध नाले में फेक दिया था।

पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई पूरी कर दोनों दोषियों को बृहस्पतिवार को सजा सुनाई।

भाषा सं आनन्द रंजन

रंजन