सपा सांसद इकरा हसन के विरोध प्रदर्शन के बाद सहारनपुर जेल से रिहा किए गए पांच लोग

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सपा सांसद इकरा हसन के विरोध प्रदर्शन के बाद सहारनपुर जेल से रिहा किए गए पांच लोग

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 10:10 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 10:10 PM IST

सहारनपुर (उप्र), 21 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद शांति भंग करने और सड़क जाम करने के आरोप में जेल भेजे गए राज्य के पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप समेत पांच लोगों को बुधवार को सहारनपुर की जेल से रिहा कर दिया।

बुधवार सुबह से ही बड़ी संख्या में सपा के कार्यकर्ता और कश्यप समुदाय के लोग जिला जेल के बाहर जमा हो गए थे। दोपहर करीब 12:30 बजे जेल से बाहर आने पर लोगों का फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया।

मंगलवार शाम लगभग पांच बजे सदर बाजार थाने में हसन का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, जो रात करीब 9:30 बजे तक चला।

अधिकारियों के अनुसार, वह शामली जिले के जसाला गांव में मोनू नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में पीड़ित की मां के साथ डीआईजी से मिलने गई थीं। पुलिस ने कथित तौर पर यातायात जाम के कारण उनकी गाड़ी रोकने के बाद उन्हें लगभग 10 मिनट तक महिला थाने में रोक लिया था।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मंत्री मंगेराम कश्यप, कश्यप एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मेहरा, प्रदेश अध्यक्ष अनुज कश्यप, शिशपाल कश्यप और सतपाल कश्यप के खिलाफ शांति भंग करने और सड़क जाम करने के आरोप में मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेजा गया था।

उनकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद हसन सदर बाजार थाने पहुंचीं और उनकी रिहाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। विरोध प्रदर्शन की खबर फैलने के बाद उनके समर्थक और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए।

बाद में सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और सांसद को आश्वासन दिया कि सभी की रिहाई की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर दी जाएगी।

इसके बाद बुधवार दोपहर सभी पांच लोगों को जिला जेल से रिहा कर दिया गया।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस पर हसन के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि पुलिस भाजपा की “भ्रष्ट कठपुतली” बन चुकी है और अन्याय में भागीदार है।

उन्होंने कहा कि “पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) प्रशासन के दबाव और अत्याचार के सामने न तो रुकेगा और न ही झुकेगा।”

यादव ने यह आरोप भी लगाया कि जो लोग महिलाओं के आरक्षण का समर्थन करने का दावा करते हैं, वे यदि एक महिला सांसद के साथ भी अनुचित व्यवहार कर सकते हैं तो आम महिलाओं का सम्मान व सुरक्षा नहीं कर सकते।

उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की।

भाषा सं सलीम जोहेब

जोहेब