(अजय मसंद)
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) लंबे समय से नौकायन (रोइंग) कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता इस्माइल बेग अब राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हैं और इस अनुभवी कोच ने इसे ‘चौंकाने वाला’ बताया है।
कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और पिछले सात एशियाई खेलों में भारत के पदक जीतने के सफर में अहम भूमिका निभाने वाले बेग 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों में भी नौकायन कोच थे और उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने दो रजत और तीन कांस्य सहित पांच पदक जीते।
बेग ने पीटीआई को बताया, ‘‘मैं (2026) एशियाई खेलों के लिए राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हूं।’’
बेग को देश का सबसे सफल नौकायन कोच माना जाता है। उन्होंने कहा कि केवल राष्ट्रीय महासंघ ही यह बता सकता है कि उन्हें कोचिंग स्टाफ से बाहर क्यों रखा गया।
भारतीय नौकायन महासंघ (आरएफआई) के अध्यक्ष बालाजी मराडप्पा ने पुष्टि की कि बेग 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए कोचिंग ढांचे का हिस्सा नहीं हैं।
बालाजी ने कहा, ‘‘यह सच है कि बेग एशियाई खेलों की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बदलाव तो होना ही है। हमें आगे बढ़ना था, वह 23 साल से कोच थे। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है… इसमें कोई शक नहीं है। उन्होंने बहुत कुछ किया है। लेकिन आज हम देख रहे हैं कि कहीं ना कहीं ठहराव आ गया था इसलिए हमने सोचा कि हमें कुछ बदलाव करके देखना चाहिए।’’
बालाजी ने कहा, ‘‘हमने सोचा कि आगे बढ़ने के लिए हमारे पास कोई विदेशी कोच होना चाहिए क्योंकि हम हमेशा एशियाई खेलों या एशियाई चैंपियनशिप के स्तर पर ही नहीं रह सकते। 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक और भारत सरकार द्वारा कई चीजों को बढ़ावा देने की कोशिशों को देखते हुए और एलए2028 पर नजर रखते हुए हमें अपना स्तर और ऊपर उठाना होगा तथा थोड़ा और आगे बढ़ना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने वियतनाम में हुई पिछली एशियाई चैंपियनशिप में 10 पदक जीते थे। सभी पुरुष खिलाड़ी (ऑस्ट्रेलियाई कोच एंथनी) पैटरसन के मार्गदर्शन में खेले।’’
बेग ने कहा कि एशियाई खेलों से पहले होने वाले राष्ट्रीय शिविर के लिए उन्हें नजरअंदाज किया गया है लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महासंघ की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिलने की वजह से वह अब भी राष्ट्रीय कोच बने हुए हैं।
बेग ने कहा, ‘‘उन्होंने (महासंघ ने) अब तक मुझे एशियाई खेलों के शिविर के लिए नहीं बुलाया है। बिना बुलाए मैं राष्ट्रीय शिविर में कैसे शामिल हो सकता हूं?’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सात एशियाई खेलों में जा चुका हूं। मेरे लिए यह बहुत चौंकाने वाली बात है लेकिन (महासंघ में) कोई भी मुझे कोई जवाब नहीं दे रहा है।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने महासंघ से इस बारे में कोई सफाई मांगी है तो बेग ने कहा कि उन्हें ऐसा करने की कोई वजह नजर नहीं आती।
बेग ने कहा कि आधिकारिक जानकारी नहीं मिलने की वजह से उनकी निराशा और भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अब उनके पास एक ऑस्ट्रेलियाई कोच है लेकिन मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है। मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि मुझे क्यों नहीं बुलाया गया। मैंने अपनी पूरी जिंदगी इस महासंघ को समर्पित कर दी है। यह बात मुझे बहुत दुख पहुंचाती है लेकिन कुछ चीजें हमारे बस में नहीं होती। मैं अब भी राष्ट्रीय कोच हूं। इसके बावजूद उन्होंने मुझे कोई आधिकारिक पत्र तक नहीं दिया है।’’
बैग ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे कोई पत्र नहीं दिया है। इस बात का मतलब यही है कि मैं अब भी राष्ट्रीय कोच हूं।’’
बालाजी ने हालांकि इस बात को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बेग ‘पहले’ राष्ट्रीय कोच हुआ करते थे लेकिन अब नहीं हैं।
भाषा सुधीर नमिता
नमिता