वादी और वकीलों पर हमले के मामले में चार अधिवक्ताओं के लखनऊ की अदालतों में प्रवेश पर प्रतिबंध

वादी और वकीलों पर हमले के मामले में चार अधिवक्ताओं के लखनऊ की अदालतों में प्रवेश पर प्रतिबंध

वादी और वकीलों पर हमले के मामले में चार अधिवक्ताओं के लखनऊ की अदालतों में प्रवेश पर प्रतिबंध
Modified Date: July 29, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: July 29, 2026 10:14 pm IST

लखनऊ, 29 जुलाई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक वादी और दिल्ली से आए वकीलों की जिला अदालत परिसर में पिटाई के मामले में चार वकीलों के लखनऊ की किसी भी अदालत के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है।

अदालत ने उनकी पृष्ठभूमि और गतिविधियों की खुफिया ब्यूरो (आईबी) से जांच कराने का निर्देश दिया।

मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर गठित न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की विशेष लखनऊ पीठ ने मंगलवार को अधिवक्ता सौरभ कुमार वर्मा, हर्षित पांडेय, यश पांडेय और अभय प्रताप वर्मा को पिछले 10 वर्ष की आयकर रिटर्न, अपनी और परिवार के सदस्यों की चल एवं अचल संपत्ति, कारोबारी हितों तथा पिछले पांच वर्षों के संपत्ति लेनदेन का विवरण शपथपत्र के साथ अदालत में पेश करने का भी निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।

जिला न्यायाधीश की रिपोर्ट और अदालत परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पीठ ने प्रथम दृष्टया पाया कि चारों वकीलों ने वादकारी मोहम्मद शाकिर की पिटाई की।

अदालत ने जिला न्यायाधीश और पुलिस को घटना में कथित रूप से शामिल अन्य सभी वकीलों की पहचान करके उनकी जानकारी अगली सुनवाई से पहले साझा करने का निर्देश दिया।

अदालत में पेश हुए शाकिर ने आरोप लगाया कि मुकदमा लड़ने के कारण उनकी बेरहमी से पिटाई की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

भाषा सं राजेंद्र जोहेब

जोहेब


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