गाजियाबाद (उप्र), दो जनवरी (भाषा) जिले के कौशांबी पुलिस थानाप्रभारी अजय शर्मा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों ने उसे कड़ी फटकार लगाई है। उक्त वीडियो में थानाप्रभारी एक व्यक्ति के कमर पर उपकरण बांधकर यह दावा करते हुए दिखाई दे रहा है कि मशीन ने उसकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक के तौर पर की है।
इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि थाना प्रभारी को चेतावनी दी गई है और भविष्य में इस तरह के तरीके न अपनाने के लिए आगाह किया गया है।
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि थाना प्रभारी अजय शर्मा ‘‘सच उगलवाने के लिए उस व्यक्ति और उसकी बेटी पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालने की कोशिश कर रहे थे’’। श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘गलत रणनीति अपनाने के लिए शर्मा को फटकार लगाई गई है।’’
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 23 दिसंबर को कौशांबी के थानाप्रभारी ने क्षेत्र की झुग्गी-झोपड़ियों में तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी उन्होंने एक व्यक्ति और उसकी बेटी से उनके पैतृक स्थान के बारे में पूछताछ की।
लड़की ने पुलिस को बताया कि वे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं और उसने अपने मोबाइल फोन पर दस्तावेज दिखाए। उसने यह भी बताया कि परिवार 1986 से झुग्गियों में रह रहा है।
सूत्रों ने बताया कि हालांकि थानाप्रभारी ने कथित तौर पर उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और दावा किया कि वे बांग्लादेश से हैं।
सूत्रों के मुताबिक शर्मा ने लड़की के पिता की कमर में एक उपकरण बांध दिया और दावा किया कि मशीन ने उनकी पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की है।
भाषा सं आनन्द धीरज
धीरज