गाजियाबाद: नौवीं मंजिल से कूदने के बाद तीन बहनों की मौत, ऑनलाइन गेम की लत संबंधी पहलू की जांच जारी

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गाजियाबाद: नौवीं मंजिल से कूदने के बाद तीन बहनों की मौत, ऑनलाइन गेम की लत संबंधी पहलू की जांच जारी

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  • Publish Date - February 4, 2026 / 02:42 PM IST,
    Updated On - February 4, 2026 / 02:42 PM IST

गाजियाबाद (उप्र), चार फरवरी (भाषा) गाजियाबाद में मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी से कथित तौर पर कूदने के बाद तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस एक ऑनलाइन कोरियन गेम की लत संबंधी पहलू की भी जांच कर रही है।

सहायक पुलिस आयुक्त (शालीमार गार्डन) अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ये बहनें एक ऑनलाइन कोरियन गेम ‘‘लव गेम’’ की आदी थीं जो ‘टास्क बेस्ड’ है और बच्चियों के माता-पिता उनके बहुत ज़्यादा गेम खेलने पर आपत्ति जताते थे।

कोरियन ‘टास्क-बेस्ड’ गेम वह होते है जिसमें खिलाड़ी को लक्ष्य दिए जाते हैं और उसी से गेम आगे बढ़ता है।

पुलिस उपायुक्त निमिष पाटिल ने बताया कि जांच में पता चला कि लड़कियां कोरियन सामग्री से बहुत अधिक प्रभावित थीं और अपने मोबाइल फोन पर काफी समय बिताती थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘परिवारवालों ने पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिससे वे परेशान थीं और संभवत: इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।’’

सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस को मंगलवार देर रात दो बजकर 15 मिनट पर सूचना मिली कि साहिबाबाद इलाके में टीला मोड़ थना क्षेत्र में ‘भारत सिटी’ के एक टावर में नौवीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी से तीन लड़कियों ने छलांग लगा दी है।

उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि स्थानीय निवासी चेतन कुमार की तीनों बेटियां निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12), भूतल पर गिरी थीं और बुरी तरह से घायल थीं। उन्हें एम्बुलेंस से लोनी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, बहनें कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन गेम की आदी हो गई थीं और अक्सर लगातार कोरियन गेम खेला करती थीं।

सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘तीनों सब कुछ एक साथ करती थीं- नहाने से लेकर खाने तक और सोने से लेकर स्कूल जाने तक।’’

पुलिस उपायुक्त पाटिल ने बताया कि लड़कियां पिछले दो वर्ष से स्कूल नहीं जा रही थीं। उन्होंने कहा कि पहले भी पढ़ाई में उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था।

उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि मोबाइल फोन और गेमिंग की लत उन्हें कब से थी और जांच शुरुआती दौर में है, लेकिन यह साफ है कि लड़कियां मोबाइल फोन के इस्तेमाल की बहुत अधिक आदी थीं।

पुलिस ने बताया कि परिवार में पांच भाई-बहन थे—चार बहनें और एक भाई और पिता ने दो शादियां की थीं। परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते थे। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना देर रात उस समय हुई, जब परिवार के बाकी सदस्य सो चुके थे।

छानबीन के दौरान, पुलिस को लड़कियों की एक डायरी मिली है जिसमें घटना से जुड़ी सामग्री है।

अंदर मिले एक नोट में लिखा है, ‘‘इस डायरी में लिखी हर बात पढ़ लेना, सब यहीं है।’’ इसके साथ रोते हुए चेहरे का इमोजी बना था और लिखा था, ‘‘माफ करना पापा, मुझे सच में बहुत अफसोस है।’’

लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने कहा कि उनकी बेटियां बार-बार कोरिया जाने की बात कहती थीं।

कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उन्हें बिल्कुल भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि उस गेम में इस तरह के लक्ष्य दिए जाते हैं, जो बच्चों को खतरनाक कदम उठाने के लिए उकसा सकते हैं।

कुमार ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘वे ढाई से तीन साल से यह गेम खेल रही थीं। वे अक्सर कहती थीं कि उन्हें कोरिया जाना है। मुझे नहीं पता था कि इस गेम में ऐसे लक्ष्य होते हैं। इन सब बातों की जानकारी मुझे तब हुई, जब पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने उनके मोबाइल फोन की जांच की।’’

घटनाक्रम पर लड़कियों के पिता ने कहा, ‘‘उस समय पूरा परिवार सो रहा था। लड़कियां पानी पीने के बहाने उठीं, अंदर से दरवाजा बंद किया और बालकनी से कूद गईं।’’

उन्होंने बताया कि लड़कियों के पास मोबाइल फोन थे, लेकिन उन्होंने तुरंत इस पर ध्यान नहीं दिया।

कुमार ने कहा, ‘‘उन्होंने फोन कमरे के बाहर फेंक दिए थे। पुलिस ने बाद में जांच के लिए उन्हें जब्त कर लिया।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी अपनी बेटियों को गेम खेलने से रोकने की कोशिश की, तो कुमार ने कहा कि उन्हें गेम की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी को पता चल जाए कि गेम में ऐसे लक्ष्य होते हैं, तो कोई भी पिता अपने बच्चों को इसका हिस्सा नहीं बनने देगा।’’

कुमार ने बताया कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि गेम में ऐसे निर्देश दिए जाते थे, जिनका बच्चे पालन करते थे।

उन्होंने कहा कि प्राची ने एक बार उनसे कहा था कि वह ‘बॉस’ है और उसकी बहनें उसके निर्देशों का पालन करती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगा कि यह बचपन में खेले जाने वाले खेलों जैसा ही होगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा हो सकता है।’’

कुमार ने बताया कि लड़कियां पिछले दो-तीन साल से स्कूल नहीं जा रही थीं, क्योंकि वे पढ़ाई में फेल हो गई थीं। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी और वे धीरे-धीरे अकेली रहने लगी थीं।

पुलिस ने बताया कि किन वजहों से बहनों ने यह कदम उठाया, इसकी जांच की जा रही है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना के कारणों की जांच कर रही है।

भाषा सं जफर खारी

खारी