मनुष्य धरती की सेहत का ख्याल नहीं रख रहा : योगी

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मनुष्य धरती की सेहत का ख्याल नहीं रख रहा : योगी

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 05:28 PM IST

गोरखपुर, 12 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ महा अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने धरती की सेहत को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाला इंसान धरती की सेहत का ख्याल नहीं रख रहा है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ महा अभियान के तहत 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

योगी ने कहा, “हर इंसान और हर जीव के लिए मां सबसे सुंदर उपहार होती है। यह उपहार हम सबके लिए धरती मां के रूप में भी मौजूद है। हम अपनी सेहत को लेकर चिंतित रहते हैं और समय-समय पर डॉक्टर के पास जाते हैं, लेकिन हम उस धरती मां के उपचार के लिए कोई प्रबंध नहीं करते, जिस पर हम सब निर्भर हैं।”

उन्होंने कहा कि अपनी भलाई के लिए सभी को धरती माता के कल्याण पर भी ध्यान देना चाहिए और पृथ्वी पर जीवन बना रहे, इसके लिए पेड़-पौधे लगाना बेहद जरूरी है।

राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के पास पवित्र ‘त्रिवेणी’ (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे लगाए और उनके साथ सेल्फी ली।

बयान के अनुसार, योगी ने गोरक्षनाथ मंदिर लौटते समय ताल रिंग रोड पर मौलश्री का पौधा भी लगाया।

मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा, “पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति आभार जताने का एक महायज्ञ है। पिछले नौ वर्षों में राज्य में तीव्र भौतिक विकास के साथ-साथ वन क्षेत्र का भी विस्तार हुआ है।”

योगी ने कहा, “एक पेड़ सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के वन क्षेत्र में वृद्धि के परिणामस्वरूप 6.37 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण और 4.63 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत इस साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पांच करोड़ पौधे, जबकि पिछले वर्ष 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए।

योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों के दौरान राज्य में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा, “पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट ने मौसम चक्र को भी प्रभावित किया है। मानसून लगभग एक महीने की देर से आया है। जिन बीजों की बोवाई 15 जून तक हो जानी चाहिए थी, उनकी बोवाई अब 15 जुलाई को होगी, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत का अंतर आएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ पेड़ लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी सही देखभाल करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो किसान अपने खेतों में पेड़ लगाते हैं, उन्हें ‘कार्बन क्रेडिट वित्त योजना’ के तहत आर्थिक लाभ भी मिलता है।

योगी ने हर व्यक्ति से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने पूर्वजों, अपनों और परिवार के सदस्यों की याद में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।

योगी ने कहा कि 2017 में सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राज्य में ‘हैलोजन लाइट’ हटाने का अभियान शुरू किया और ‘एलईडी स्ट्रीट लाइट’ लगाईं।

उन्होंने कहा, “इस कदम से उत्तर प्रदेश सरकार 100 करोड़ रुपये बचाने में कामयाब रही। हैलोजन लाइट हटाए जाने से कार्बन उत्सर्जन में काफी कमी आई है। अब शहर में पुरानी हैलोजन लाइट की जगह आकर्षक एलईडी स्ट्रीट लाइट रोशनी बिखेरती दिखती हैं। यह अक्षय ऊर्जा की दिशा में एक कोशिश है।”

योगी ने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सौर पैनल दिए जा रहे हैं, जिनसे बिजली का बिल लगभग आधा हो गया है और हरित ऊर्जा का एक नया स्रोत भी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अयोध्या राज्य का पहला सौर शहर बन गया है। वहां सड़कें और सरकारी इमारतें पूरी तरह से उसी सौर शहर में बनी बिजली से प्रकाशित होती हैं। प्रकृति के प्रति जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।”

योगी ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए।

उन्होंने कहा कि यह पहल इसलिए शुरू की गई, ताकि घरों में हरित ईंधन का इस्तेमाल हो, जिससे माताओं और बहनों को धुएं से बचाया जा सके, उनकी आंखों की रोशनी सुरक्षित रहे और उन्हें सांस की बीमारियां न हों।

योगी ने कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश में ही दो करोड़ परिवारों को इस योजना का फायदा मिला है।

कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के वन और पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना ने भी संबोधित किया।

भाषा

सलीम पारुल

पारुल