गोरखपुर (उप्र), दो जुलाई (भाषा) दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने दोहरी डिग्री वाला एमबीए कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है जिसके तहत छात्र एक ही शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत भारत और विदेश, दोनों जगह पढ़ाई कर सकेंगे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रस्ताव को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद से अंतिम मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही गोरखपुर विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने इस तरह का दोहरी डिग्री वाला एमबीए कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।
नयी व्यवस्था के तहत छात्र पहले वर्ष की पढ़ाई गोरखपुर विश्वविद्यालय में करेंगे, जबकि दूसरे वर्ष में मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज में करेंगे। पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने पर उन्हें दोनों संस्थानों से एमबीए की डिग्री प्रदान की जाएगी।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव, आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों और वैश्विक कारोबारी संचालन की व्यावहारिक समझ प्रदान कराना है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों की रोजगार दक्षता बढ़ेगी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में उनके करियर के अवसर भी बेहतर होंगे।
दोहरी डिग्री वाला यह कार्यक्रम दोनों संस्थानों के बीच पहले से जारी शैक्षणिक एवं शोध सहयोग का विस्तार है।
विश्वविद्यालय फिलहाल शुल्क संरचना और प्रवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसकी घोषणा एक सप्ताह के भीतर किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय मौजूदा शैक्षणिक सत्र से वाणिज्य विभाग के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन में बीबीए पाठ्यक्रम भी शुरू करेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह पहल से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के अवसर मिलेंगे।
भाषा सं जफर
वैभव खारी
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