राहुल गांधी के धरने को लेकर उत्तर प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया

राहुल गांधी के धरने को लेकर उत्तर प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया

राहुल गांधी के धरने को लेकर उत्तर प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया
Modified Date: July 22, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: July 22, 2026 5:06 pm IST

लखनऊ, 22 जुलाई (भाषा) दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरना प्रदर्शन के एक दिन बाद बुधवार को भाजपा और कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाइयों ने राज्य की राजधानी में एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया।

भाजपा ने कहा कि उसका विरोध प्रदर्शन कांग्रेस की ‘राष्ट्र-विरोधी’ गतिविधियों के खिलाफ है। पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव के लिए मॉल एवेन्यू की ओर मार्च किया।

इससे पहले दिन में कांग्रेस ने दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका वाद्रा और अन्य को हिरासत में लिए जाने पर विरोध दर्ज कराने के लिए मुख्यमंत्री के पांच कालिदास मार्ग आवास की ओर मार्च किया।

भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण न तो भाजपा प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यालय तक पहुंच सके और न ही कांग्रेस के प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच पाए।

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय के बाहर रोक दिया गया जहां पुलिस ने अवरोधक लगा दिए थे।

कांग्रेस कार्यालय से बाहर आने के बाद राय ने कहा, ‘भाजपा सरकार लोगों पर अत्याचार कर रही है। राहुल गांधी और प्रियंका जी को अपमानित करने के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ता यहां मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।’

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने अवरोधक फांदने की कोशिश की लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। बाद में राय समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में ले जाया गया।

भाजपा ने वीवीआईपी अतिथि गृह से कांग्रेस कार्यालय के घेराव की योजना बनाई थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के मौके पर पहुंचने से पहले कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन खत्म हो चुका था।

चौधरी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाते हुए कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े और कुछ दूरी के बाद उन्हें भी रोक दिया गया।

भाजपा कार्यकर्ताओं के पास गांधीजी के पोस्टर भी थे।

चौधरी ने कहा, ”मैं कांग्रेस की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ विरोध मार्च के लिए यहां पहुंचा हूं।”

इससे पहले दिन में, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को ‘गैरजिम्मेदाराना’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह सुरक्षा से समझौता करने का प्रयास है।

उपमुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा से कहा, ‘‘नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी पार्टी का कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरना देना गैर-जिम्मेदाराना था। यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास था। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह उनसे मिलकर आए और नीट पर चर्चा कराने की सहमति दी। उसके बाद भी धरने पर बैठे रहना एक तरह से पूरी व्यवस्था का मजाक उड़ाने के प्रयास जैसा था।’’

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘एक तरफ आम आदमी पार्टी अराजकता फैलाने और कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने पर उतारू है, तो दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव माहौल को खराब करने में लगे हुए हैं।’’

मौर्य ने कहा कि संसद में किसी भी विषय पर चर्चा की जा सकती है। जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब सड़क पर इस प्रकार के उपद्रव व धरने-प्रदर्शन की जरूरत नहीं होती ।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर उनके पास मुद्दे हैं, तो उन्हें संसद में उठाना चाहिए। लोकतांत्रिक राजनीति में इस तरह के सड़क पर विरोध-प्रदर्शन को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।’’

मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को 7, लोक कल्याण मार्ग के एक गेट पर धरना दिया। मोदी के इस्तीफे की मांग कर रहे राहुल व प्रियंका और समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव को पुलिस ने जबरन हटा दिया।

भाषा जफर अभिनव जोहेब

जोहेब


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