स्मार्ट फोन पर समय खर्च करने के बजाय अच्‍छी पुस्‍तकें पढ़ने की आदत डालें : योगी आदित्यनाथ

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स्मार्ट फोन पर समय खर्च करने के बजाय अच्‍छी पुस्‍तकें पढ़ने की आदत डालें : योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - August 28, 2026 / 07:10 PM IST,
    Updated On - August 28, 2026 / 07:10 PM IST

लखनऊ, 28 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली बच्चों को स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे समय तो बर्बाद होता ही है, इसका असर आंखों की रोशनी और सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ता है।

योगी आदित्यनाथ ने पांच कालिदास मार्ग पर स्थित अपने आधिकारिक आवास पर रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित ‘स्नेह बंधन’ कार्यक्रम में छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि बच्चों को स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय बिताने के बजाय अच्छी और प्रेरणादायी किताबें पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।

सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से जुड़े एक छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जीवन में आगे बढ़ना है तो अच्छी सोच पैदा करनी पड़ेगी। तकनीक आज के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी भी एक सीमा और आवश्यकता होती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘स्मार्टफोन हमारी आज की पीढ़ी के लिए चुनौती है। जब हमारी निर्भरता किसी ऐसी वस्तु पर हो जाती है जो हमारी सोचने की क्षमता को प्रभावित करे, तो उससे दूरी बनानी चाहिए।’’

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लोग पहाड़े और गिनती याद रखते थे, लेकिन ‘कैलकुलेटर’ पर निर्भरता बढ़ने के साथ याददाश्त पर भी असर पड़ा, इसी तरह अब हर काम के लिए स्मार्टफोन पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।

योगी ने कहा कि अच्छी सामग्री और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन उपयोगी हो सकता है, लेकिन फोन पर उपलब्ध हर सामग्री बच्चों के लिए लाभदायक नहीं होती।

उन्होंने कहा कि इसका अधिक इस्तेमाल सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है और आंखों की रोशनी पर भी असर डाल सकता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को सलाह दी कि जो लोग रोजाना चार से छह घंटे फोन पर बिताते हैं, वे धीरे-धीरे इस समय को कम करें।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अच्छी और खराब, दोनों तरह की सामग्री उपलब्ध है, इसलिए बच्चों को ऐसी सामग्री से ही जुड़ना चाहिए जो उनकी पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने में उपयोगी हो।

इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने योगी आदित्यनाथ को राखी बांधी जिसके बाद मुख्यमंत्री ने छात्राओं को उपहार दिए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास, सम्मान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

योगी ने कहा, ‘‘प्रदेश में करीब 15 करोड़ राखियां बंध रही हैं। इनमें से प्रत्येक राखी के पीछे किसी कारीगर, हस्तशिल्पी, दुकानदार व बाजार की आर्थिक गतिविधि जुड़ी हुई है। राखी खरीदने पर पैसा कारीगर तक पहुंचता है और फिर बाजार में लौटकर विकास को गति देता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहले आठवीं के बाद बड़ी संख्या में बेटियों की पढ़ाई छूट जाती थी। सरकार ने इन विद्यालयों को 12वीं तक विस्तार देने का निर्णय लिया है और प्रदेश के सभी 825 विकासखंडों में विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। अटल आवासीय विद्यालयों में भी बेटियों की संख्या बढ़ाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक राज्य में महिलाओं की रोजगार में भागीदारी बेहद कम रही। आजादी के बाद करीब 75 वर्षों तक केवल 12 प्रतिशत महिलाएं नौकरी या रोजगार से जुड़ी थीं, लेकिन अब यह आंकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

बयान में कहा गया कि रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री आवास में आंगन ‘बिटिया और बहना-यूपी का गहना’ स्नेह बंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें स्कूली बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलाई पर राखी बांधकर भरोसे और विश्वास का रिश्ता प्रदर्शित किया, जबकि मुख्यमंत्री ने भी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन का संकल्प दोहराया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह श्रद्धा, प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित कर आधी आबादी के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बच्चियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उनकी शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बेटियां परिवार ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की शक्ति हैं। उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना और उनके सपनों को पंख देना सरकार की प्राथमिकता है।’’

उन्होंने बच्चियों से खूब मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

बयान के अनुसार मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मलिहाबाद, उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर गोसाईगंज सहित विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं शामिल हुईं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से संवाद भी किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिये।

भाषा आनन्द धीरज

धीरज