लखनऊ, 18 अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी चुनाव से पहले अपने सहयोगी दलों के लिए सीट के बंटवारे की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कवायद विफल होगी, क्योंकि जनता ने सत्तारूढ़ दल को ‘‘पूरी तरह नकार’’ दिया है।
यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया कि भाजपा कुछ चुनाव विशेषज्ञों की सलाह पर राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को 73 सीट, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को 39 सीट, निषाद पार्टी को 31 सीट और अपना दल को 19 सीट देने पर विचार कर रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीट हैं।
यादव ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था को ‘‘सराहनीय’’ माना जा सकता है, लेकिन दावा किया कि यह सीट बंटवारा भी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्गों की आबादी के अनुपात में मिलने वाले प्रतिनिधित्व के आधे से भी कम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, सड़क और भर्ती के मुद्दों पर सरकार के रिकॉर्ड के कारण भाजपा की यह योजना ‘‘विफल’’ हो जाएगी।
यादव ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर ‘‘झूठे मुकदमों और फर्जी मुठभेड़ों’’ का सहारा लेने, लोगों के घरों और दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त करने, किसानों, श्रमिकों और पेशेवरों के अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने तथा भर्तियों में आरक्षण को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अल्पकालिक अग्निवीर भर्ती योजना शुरू करके रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं का मनोबल कमजोर किया है।
यादव ने कहा कि सरकार विज्ञान और वैज्ञानिकों को पर्याप्त सम्मान देने में भी विफल रही है तथा ‘‘देश की संपत्ति बेच रही है।’’
सपा अध्यक्ष ने संविधान में बदलाव की साजिश किए जाने का भी आरोप लगाया।
यादव ने कहा, ‘‘लोगों ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों को पूरी तरह नकार दिया है और उन्हें हमेशा के लिए विदाई देने के लिए उत्सुक हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज हर कोई कहता है, हम भाजपा को नहीं चाहते।’’
भाषा जफर खारी
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