लखनऊ, 18 अगस्त (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राज्य सूचना आयोग में कार्यरत 13 कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े मामले में अदालती आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने पर मंगलवार को प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल को अवमानना नोटिस जारी किया और उन्हें 10 सितंबर को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
अदालत ने मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने राणा प्रताप और 12 अन्य कर्मचारियों द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
अदालत ने 14 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार के अधिकारियों को याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के दावों पर विचार करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि चार अगस्त 2023 के विज्ञापन के अनुसार सीधी भर्ती के माध्यम से कोई भी नियुक्ति करने से पहले नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए।
अदालत ने कहा था कि जिन पदों पर याचिकाकर्ता राज्य सूचना आयोग में कार्यरत हैं, उनके नियमितीकरण पर निर्णय होने तक उन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अदालत के 14 अक्टूबर 2025 के आदेश का अब तक अनुपालन नहीं किया गया है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त ने एक हलफनामा दाखिल किया, जिसमें कहा गया कि अदालत के आदेश के अनुपालन में याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण से संबंधित मामला इस वर्ष 28 जुलाई को मुख्य सचिव को भेजा गया था, क्योंकि इस संबंध में निर्णय मुख्य सचिव के स्तर पर लिया जाना आवश्यक था।
हलफनामे और अभिलेखों पर गौर करने के बाद अदालत ने पाया कि कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला अब भी मुख्य सचिव के समक्ष विचाराधीन है।
भाषा सं जफर खारी
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