Lucknow Fire Updates: लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन, बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार, सरकार ने इन 4 अफसरों को किया सस्पेंड

Lucknow Fire Updates: लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन, बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार, सरकार ने इन 4 अफसरों को किया सस्पेंड

Lucknow Fire Updates: लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन, बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार, सरकार ने इन 4 अफसरों को किया सस्पेंड

Lucknow Fire Updates | Photo Credit: AI

Modified Date: June 23, 2026 / 10:22 am IST
Published Date: June 23, 2026 9:22 am IST
HIGHLIGHTS
  • सात दिन में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
  • पीएम और सीएम ने मुआवजा घोषित किया
  • शुरुआती जानकारी में एसी डक्ट से आग लगने की संभावना

लखनऊ: Lucknow Fire Updates उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिला इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में इमारत के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की पड़ताल के लिये विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गयी है।

Lucknow Fire Updates प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

घटना अलीगंज थाना इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में अपराह्न करीब तीन बजे हुई। पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह इमारत अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कई कोचिंग सेंटर और कैफे मौजूद हैं। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बचाव दल ने इस घटना में घायल कुल 22 लोगों को केजीएमयू पहुंचाया, जिनमें से 15 को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल द्वारा जारी सूची के अनुसार हादसे में मरने वालों की शिनाख्त सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या के रूप में हुई है। सिंह ने बताया कि हादसे में घायल हुए नौ लोगों में से सात को छुट्टी दे दी गयी है जबकि दो अन्य का इलाज किया जा रहा है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

बयान के अनुसार एसआईटी में पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है और उसे सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

इस मामले में पुलिस ने देर रात चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल इमारत के संयुक्त रूप से मालिक हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर जानकीपुरम में बिजली विभाग के अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग की इंदिरा नगर शाखा के अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री अलीगढ का अपना दौरा बीच में ही छोडकर लखनऊ लौटे और घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वह अस्पताल भी पहुंचे और घायल पीड़ितों से मुलाकात करके संवेदना प्रकट की। रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बाद में उन्होंने केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मुख्यमंत्री को फोन करके घटना की जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।

इसके अलावा सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच—पांच लाख तथा घायलों को 50—50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब छह बजकर 15 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की शिकार इमारत की स्थिति का जायजा लिया और इमारत की ऊपरी मंजिलों का भी दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आदित्यनाथ केजीएमयू पहुंचे, दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात करके उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आग लगने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग शायद इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई और बाहर निकलने का सही रास्ता न होने के कारण धुएं से दम घुटने से मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय भाजपा विधायक नीरज बोरा ने ‘पीटीआई—भाषा’ को बताया कि इस हादसे में मरने वाले लोगों में से आधे स्थानीय निवासी थे।

उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि ज्यादातर लोगों की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुंटने से हुई है। इमारत में बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था और शायद यही वजह है कि यह हादसा इतना बड़ा हो गया।” विधायक ने कहा, ”यह इलाका और जानकीपुरम कोचिंग हब बन गए हैं इसीलिए मैं लगातार इस इलाके के लिए एक फायर स्टेशन की मांग कर रहा था।”

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