Allahabad High Court On Namaz in Private House : घर में नमाज पढ़ रहे लोगों पर पुलिस ने की ये कार्रवाई, भड़का हाईकोर्ट, कलेक्टर और एसपी को लगाई फटकार, जारी किया नोटिस

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Allahabad High Court ने बरेली के डीएम और एसएसपी को निजी घर में नमाज रुकवाने के मामले में अवमानना का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि निजी परिसर में धार्मिक गतिविधि रोकना व्यक्तिगत अधिकारों का हनन है।

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 05:01 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 05:08 PM IST

Allahabad High Court On Namaz in Private House / Image Source : x

HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने बरेली डीएम और एसएसपी को अवमानना नोटिस जारी किया।
  • निजी घर में नमाज रुकवाने को अधिकारों का हनन बताया।
  • मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।

लखनऊAllahabad High Court On Namaz in Private House इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के जिलाधिकारी और एसएसपी अनुराग आर्य को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह मामला बरेली के मोहम्मदगंज गांव का है, जहाँ 16 जनवरी 2026 को रेशमा खान के निजी घर में कुछ लोग सामूहिक नमाज पढ़ रहे थे। हिंदू परिवारों की शिकायत पर पुलिस ने इस प्रार्थना को रुकवा दिया था, जिसे जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच ने गंभीरता से लेते हुए 12 फरवरी को अवमानना की कार्यवाही शुरू की।

निजी परिसर में धार्मिक गतिविधि को रोकना अधिकारों का हनन

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के निजी परिसर में धार्मिक गतिविधि को रोकना उसके व्यक्तिगत अधिकारों का हनन और अदालत के पिछले आदेशों की अवहेलना है। कोर्ट ने क्रिश्चियन समूह से जुड़े पुराने फैसलों का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि निजी स्थानों पर प्रार्थना सभा के लिए किसी सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। Contempt of Court हाईकोर्ट ने साफ किया कि यह नियम नमाज के मामले में भी उसी प्रकार लागू होता है और प्रशासन ने इस कानूनी स्थिति को नजरअंदाज किया है।

11 मार्च को होगी अगली सुनवाई

अदालत ने अब बरेली के पुलिस और प्रशासनिक मुखिया से पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न की जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता तारिक खान के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या दबाव वाली कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। डिवीजन बेंच ने 12 फरवरी को डीएम और एसएसपी बरेली के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की है।  इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को तय की गई है, जिसमें यह निर्धारित होगा कि प्रशासन ने अदालती निर्देशों का उल्लंघन क्यों किया।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल ये पूरा मामला 16 जनवरी 2026 का है। यहाँ मोहम्मद गंज गांव में रेशमा खान के मकान में मुस्लिम समुदाय द्वारा सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी जा रही थी। Bareilly DM SSP Contempt Notice  इसके बाद हिंदू परिवारों के लोगों से ने पुलिस को इसकी शिकायत कर दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर नमाज़ को रोक दिया था।

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मामला किस तारीख से जुड़ा है?

यह मामला 16 जनवरी 2026 को बरेली के मोहम्मदगंज गांव में निजी घर में नमाज पढ़ने से जुड़ा है।

हाईकोर्ट ने क्या टिप्पणी की?

कोर्ट ने कहा कि निजी परिसर में धार्मिक गतिविधि के लिए सरकारी अनुमति जरूरी नहीं है और इसे रोकना अधिकारों का उल्लंघन है।

अगली सुनवाई कब है?

इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित की गई है।