Pakistani Terror Module Busted: फिर हुआ पाकिस्तानी-मॉड्यूल का भंडाफोड़.. इस रेलवे स्टेशन में करने वाले थे बड़ा धमाका लेकिन तभी.. ऐसे लेते थे हैंडलर्स से पेमेंट

Pakistani Terror Module Busted Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश ATS ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया, रेलवे स्टेशन ब्लास्ट रोक लिया।

Pakistani Terror Module Busted: फिर हुआ पाकिस्तानी-मॉड्यूल का भंडाफोड़.. इस रेलवे स्टेशन में करने वाले थे बड़ा धमाका लेकिन तभी.. ऐसे लेते थे हैंडलर्स से पेमेंट

Pakistani Terror Module Busted Uttar Pradesh || Sachin Gupta News File

Modified Date: April 3, 2026 / 08:24 pm IST
Published Date: April 3, 2026 8:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • यूपी ATS ने पाकिस्तानी मॉड्यूल पकड़ा
  • लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ब्लास्ट योजना फेल
  • आरोपियों ने QR कोड से पैसा लिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक संदिग्ध टेरर मॉड्यूल के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे। (Pakistani Terror Module Busted Uttar Pradesh) इन पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर समेत अहम जगहों पर हमलों की प्लानिंग में शामिल होने के भी गंभीर आरोप है। एसटीएस से जुड़े अफसरों ने मीडिया से यह तमाम जानकारी साझा की है।

सोशल मीडिया के जरिये होता था सम्पर्क

दरअसल इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद यह पूरी कार्रवाई की गई है। एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड ने ऐसे लोगों के एक नेटवर्क का पता लगाया जो सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। वही भारत में उनके मॉड्यूल देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

स्क्वायड की जांच से पता चला है कि गैंग का मुख्य ऑपरेटिव, साकिब उर्फ ​​”डेविल” (25), जो मेरठ जिले का रहने वाला है, टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के ज़रिए हैंडलर्स के संपर्क में था। इतना ही नहीं बल्कि उसके कई कट्टरपंथी ग्रुप्स से लिंक थे। सूत्रों ने बताया कि उसके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट से अफगानिस्तान समेत कई विदेशी फोन नंबर मिले हैं।

QR कोड के ज़रिए पैसों का होता था भुगतान

अधिकारियों के मुताबिक, ग्रुप के सदस्यों को संवेदनशील इमारतों, संस्थानों और पॉलिटिशियन्स की जासूसी करने और उनसे जुड़ी सेंसेटिव जानकारी शेयर करने का काम सौंपा गया था। वे रेलवे सिग्नल बॉक्स, गाड़ियों और गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रकों पर हमले की भी प्लानिंग कर रहे थे ताकि बड़े पैमाने पर दहशत फैलाई जा सके। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, ATS की जांच से यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कुछ जगहों पर छोटी-मोटी आगजनी की घटनाएं की थीं और QR कोड के ज़रिए पैसे ट्रांसफर करने के बदले में इन कामों के वीडियो अपने हैंडलर्स को भेजे थे।

ATS ने कहा कि हैंडलर्स ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पहचान और बातों का इस्तेमाल करके आरोपियों को धार्मिक आधार पर गाड़ियों और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाने और पब्लिक ऑर्डर को अस्थिर करने की बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए उकसाया था। गिरफ्त में आये आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में जासूसी की थी। इसके अलावा उन्होंने अपने हैंडलर्स के साथ इन जगहों की गूगल लोकेशन भी शेयर की थी।

जानें पकड़ में आये आरोपियों के बारें में

2 अप्रैल को इसी ग्रुप ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास आगजनी या विस्फोटक हमला करने की योजना बनाई थी। इस ब्लास्ट का मकसद रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना था लेकिन हालांकि, ATS टीम ने प्लान को अंजाम देने से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस ममेल में गिरफ्त में आये साकिब के अलावा विकास गहलावत उर्फ ​​रौनक (27), लोकेश उर्फ ​​पपला पंडित उर्फ ​​बाबू उर्फ ​​संजू (19), दोनों गौतम बुद्ध नगर के रहने वाले, और अरबाब (20) शामिल है।

लखनऊ के ATS पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती पूछताछ से पता चलता है कि ग्रुप विदेशी इशारों पर तोड़फोड़ और आतंक के कामों को अंजाम देकर देश को हर तरह से नुकसान पहुंचाने के इरादे से काम कर रहा था।

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