बागपत (उप्र), 10 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश में बागपत जिले के टेंट कारोबारी और उसके बेटे की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी की भी यहां अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
घटना के विरोध में बड़ौत और बागपत शहर के बाजार बंद रहे और व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन करके आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम ‘हिस्ट्रीशीटर’ बदमाश वरुण लुहारी अपने साथियों के साथ सोहनलाल नामक कारोबारी की दुकान पर पहुंचा और ताबड़तोड़ गोलीबारी करके कारोबारी और उसके बेटे की हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद भाग रहे लुहारी को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था, इस दौरान भीड़ में से किसी व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान लुहारी की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि लुहारी ने पुरानी रंजिश के कारण मंगलवार को बड़ौत इलाके में टेंट कारोबारी सोहन लाल (55) और उसके बेटे विकास (30) की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद सोहनलाल और विकास का शव उनके पैतृक आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में परिजन, कारोबारी और स्थानीय लोग पहुंचे। पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए और दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बड़ौत के पुलिस क्षेत्राधिकारी अंशु जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लुहारी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था जहां से उसे बेहतर इलाज के लिये दूसरे अस्पताल भेज दिया गया।
उन्होंने कहा कि देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जैन ने बताया कि उसकी मौत कैसे हुई, इसका सही पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया उसे गोली लगने की बात भी सामने आई है, हालांकि गोली कैसे लगी, यह अभी जांच का विषय है।
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि मृतक सोहनलाल के भाई की तहरीर पर पुलिस ने लुहारी, उसके भाई तरुण, पिता बाबूराम, सचिन उर्फ मोंटू और जयंत उर्फ गोलू नामक व्यक्तियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बाबूराम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीम गठित की गई हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों पक्षों के बीच कई वर्षों से रंजिश थी।
पुलिस ने बताया कि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर लुहारी अपने साथियों के साथ मंगलवार शाम पौने छह बजे सोहनलाल की दुकान पर पहुंचा था।
पुलिस के अनुसार दुकान पर पहुंचते ही लुहारी और उसके साथी ने सोहनलाल और विकास को कई गोलियां मारीं और दुकान से बाहर निकल गए।
पुलिस ने बताया को दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2015 में बड़ौत थाने में मामला दर्ज होने के बाद विवाद और बढ़ गया था। 2023 में लुहारी गुट की संपत्तियों को गैंगस्टर अधिनियम के तहत कुर्क कर लिया गया, जिसके बाद परिवार ने बागपत छोड़ दिया और देहरादून में रहने लगा।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, लुहारी एक आपराधिक मामले की सुनवाई के सिलसिले में मंगलवार को अदालत आया था और इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया।
वारदात के बाद बड़ौत शहर में तनाव फैल गया जिसके बाद एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
हालांकि, पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था फिलहाल नियंत्रण में है और सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।
भाषा सं. जफर राजेंद्र जोहेब
जोहेब