भोंगांव कस्बे में हत्या के लिए एक व्यक्ति को कठोर आजीवन कारावास की सजा

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भोंगांव कस्बे में हत्या के लिए एक व्यक्ति को कठोर आजीवन कारावास की सजा

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 07:50 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 07:50 PM IST

मैनपुरी (उप्र), 19 अगस्त (भाषा) मैनपुरी की एक अदालत ने एक व्यक्ति की हत्या के जुर्म में बुधवार को एक आदमी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष के वकील विपिन कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तालेवर सिंह ने अतुल कुमार उर्फ बंटू की हत्या के लिए विक्रम को दोषी ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार रामवीर और राजदेव 11 मार्च 2016 को अतुल को भोंगांव में नागेंद्र भारती के घर तेहरवी की दावत में ले गए। दावत के दौरान अतुल और विक्रम में बहस हो गई।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक बाद में, जब यह समूह विक्रम के घर के पास पहुंचा, तो एक और विवाद शुरू हो गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार रामवीर और राजदेव ने विक्रम को अतुल पर गोली मारने के लिए उकसाया, जिसके बाद विक्रम ने उस पर गोली चला दी। रात करीब साढ़े नौ बजे अतुल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

रामवीर ने कथित तौर पर जांच को भटकाने के लिए शव पर देसी पिस्तौल रख दी, जिसके बाद तीनों भाग गए।

इसके बाद अतुल के पिता सरनाम सिंह ने विक्रम, रामवीर और राजदेव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि गवाहों और दस्तावेजी सबूतों की जांच के बाद, अदालत ने विक्रम को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई, लेकिन पर्याप्त सबूतों के अभाव में रामवीर और राजदेव को बरी कर दिया।

भाषा सं जफर राजकुमार

राजकुमार