परदे पर आठ किस्तों में दिखेंगी मजहर फारूकी के संस्मरण की कहानियां

Ads

परदे पर आठ किस्तों में दिखेंगी मजहर फारूकी के संस्मरण की कहानियां

  •  
  • Publish Date - January 31, 2026 / 06:41 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 06:41 PM IST

लखनऊ, 31 जनवरी (भाषा) भारतीय खोजी पत्रकार मजहर फारूकी के संस्मरण ‘द माज़ फाइल्स: स्कूप्स, स्कैम्स एंड शोडाउन्स’ की कहानियां आठ किस्तों में परदे पर दिखेंगी।

विस्टास मीडिया समूह द्वारा भारतीय खोजी पत्रकार मजहर फारूकी के संस्मरण ‘द माज़ फाइल्स: स्कूप्स, स्कैम्स एंड शोडाउन्स’ के अधिकार हासिल किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी, तस्करी नेटवर्क और बड़े वित्तीय घोटालों की कहानियों को स्क्रीन पर रूपांतरित किया जाएगा।

यह खोजी अपराध श्रृंखला फारूकी द्वारा मध्य पूर्व, अफ्रीका और दक्षिण एशिया में तीन दशकों के रिपोर्टिंग करियर के दौरान संभाले गए कुछ सबसे जटिल मामलों का पता लगाएगी।

लखनऊ में जन्मे फारूकी को माज़ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों के साथ काम किया है तथा सीमा पार अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और संगठित घोटाले के नेटवर्क को उजागर करने के लिए जाने जाते हैं।

वेस्टलैंड द्वारा 2024 में प्रकाशित यह पुस्तक भूमिगत अर्थव्यवस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों पर उनकी रिपोर्टिंग का दस्तावेज मानी जाती है।

निर्माताओं के अनुसार, फारूकी की रिपोर्ट के परिणामस्वरूप दुनिया भर में 250 से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है और इसे बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध सिंडिकेट के भंडाफोड़ से जोड़ा गया है। इसमें ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ घोटाले भी शामिल हैं।

अधिकार हासिल करने की घोषणा करते हुए, विस्टास मीडिया के सह-संस्थापक पीयूष सिंह ने कहा कि विषयवस्तु में ‘‘ईमानदारी और गहराई’’ है।

सिंह ने पीटीआई-भाषा से फोन पर कहा, ‘‘हमने माज़ के साथ शोध, पटकथा लेखन और विकास पर मिलकर काम किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि श्रृंखला न केवल अपराधों को, बल्कि उन्हें उजागर करने के पीछे के साहस को भी दर्शाए।’’ उन्होंने कहा कि टीम आठ कड़ियों की एक श्रृंखला बनाने की योजना बना रही है।

दुबई में रह रहे फारूकी ने कहा कि उनका उद्देश्य चीजों को सनसनीखेज बनाना नहीं है। उन्होंने फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ये कहानियां सच्चाई को उजागर करने के लिए लिखी गई हैं। यह श्रृंखला दिखाएगी कि अपराध वास्तव में कैसे होता है।’’

विस्टास मीडिया समूह फिल्म और स्ट्रीमिंग सामग्री के क्षेत्र में काम करता है, जबकि इसकी भारत आधारित गोल्डन रेशियो फिल्म्स प्रोडक्शन कंपनी ‘भोंसले’, ‘जेएल50’ और ‘द एक्स्ट्राऑर्डिनरी जर्नी ऑफ द फकीर’ जैसी परियोजनाओं के लिए जानी जाती है।

भाषा मनीष चंदन आनन्द

पवनेश नेत्रपाल

नेत्रपाल