इन 16 जिलों में PPP मॉडल पर तैयार होंगे मेडिकल कॉलेज, चित्रकूट का नाम भी शामिल.. देखें डिटेल

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PPP Model Medical College in UP: यूपी के 16 जिलों में पीपीपी मॉडल के आधार पर सरकार नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी में है, ये मेडिकल कॉलेज उन जिलों में खोले जायेंगे, जहां न तो कोई सरकारी और न ही कोई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है। यूपी में दोबारा भाजपा सरकार आने के बाद इसको लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। Medical colleges will be ready on PPP model in these 16 districts

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  • Publish Date - March 21, 2022 / 09:25 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:56 PM IST

medical college

लखनऊ। यूपी के 16 जिलों में पीपीपी मॉडल (UP PPP Model Medical College) यानि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी की जा रही है, ये मेडिकल कॉलेज उन जिलों में खोले जायेंगे, जहां न तो कोई सरकारी और न ही कोई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है। सरकार के गठन के साथ ही प्रदेश सरकार हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना को तेजी देने जा रही है।

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यूपी में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक तरफ महाराजगंज और संभल में निजी संस्थानों को पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने की इजाज़त दी जा चुकी है, वहीं बाकि जिलों के लिए 21 आवेदन भी मिल चुके हैं, ज़्यादा से ज़्यादा निजी संस्थाओं को इस योजना से जुड़ने के लिए लगातार आमंत्रित भी किया जा रहा है।

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इन जिलों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज

UP PPP Model Medical College : उत्तर प्रदेश के जिन 16 जिलों में पीपीपी मॉडल पर आधारित मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं, उनमें महाराजगंज, संभल, बागपत, बलिया, भदोही, चित्रकूट, हमीरपुर, कासगंज, महोबा, मैनपुरी, मऊ, श्रावस्ती, रामपुर, संत कबीर नगर, और शामली का नाम शामिल है। मेडिकल कॉलेज न होने के कारण इन जिलों में लोगों को ख़ासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और इलाज के लिए दूसरे बड़े जिलों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

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अच्छे अस्पताल नहीं होने से लोगों को परेशान होना पड़ता था, न सिर्फ दूसरे जिलों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ता था बल्कि सही इलाज मिलने में भी देरी हो जाती थी। पर अब इन सारी ही परेशानियों पर सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है और पीपीपी मॉडल की मदद से, स्वास्थ के ढांचे को और मज़बूत किया जा रहा है। जिन दो जिलों में अब तक अनुमति दी गई है, वहां शुरूआती दौर में न्यूनतम सौ-सौ बेड के मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इन मेडिकल कॉलेज में जहां एक तरफ सरकारी मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर सस्ते दर पर इलाज उपलब्ध कराया जायेगा तो वहीं आयुष्मान कार्ड धारकों को भी निःशुल्क इलाज मिल सकेगा।