आगरा (उप्र), 19 जून (भाषा) आगरा में शुक्रवार को ब्रिक्स एमएसएमई मंच की बैठक हुई, जिसमें ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र से जुड़े लगभग 150 अधिकारियों ने भाग लिया।
तीन दिवसीय कार्यक्रम बृहस्पतिवार को ब्रिक्स देशों के लगभग 60 प्रतिनिधियों के आगमन के साथ शुरू हुआ। शहर के निर्यातोन्मुख जूता उद्योग को समझने के लिए एक फुटवियर विनिर्माण इकाई का दौरा करने का भी कार्यक्रम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि राज्य में एमएसएमई क्षेत्र रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास का एक प्रमुख स्तंभ है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं।
मंत्री ने ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना, युवा उद्यमी विकास अभियान और स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के उद्देश्य से औद्योगिक नीतियों सहित विभिन्न पहल पर प्रकाश डाला।
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में लगभग 8.5 करोड़ एमएसएमई इकाइयां काम कर रही हैं, जो लगभग 40 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं।
ब्रिक्स सहयोग का जिक्र करते हुए, मांझी ने कहा कि समूह, जिसमें पहले सात देश थे और अब 21 देशों तक विस्तार हो गया है, एमएसएमई को मजबूत करने, कमजोर वर्गों का समर्थन करने और सदस्य देशों की आर्थिक वृद्धि में योगदान करने में मदद कर सकता है।
भाषा सं जफर शफीक
शफीक