लखनऊ, 27 अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे एक संगठन का ‘एक्स’ अकाउंट निलंबित किए जाने पर बृहस्पतिवार को तंज कसा।
उन्होंने कहा कि विदेशों में जब ‘‘गैर-पंजीकृत-भूमिगत’’ लोग उभरकर आएंगे तो उनके ‘एक्स’ अकाउंट निलंबित किए ही जाएंगे।
भागवत तीन देशों की यात्रा के तहत अमेरिका के न्यूयॉर्क में हैं और 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन (एमएसजी) स्थित इन्फोसिस थिएटर में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशंस’ कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। इस कार्यक्रम को अंतर-धार्मिक आयोजन बताया गया है, जिसमें वह विविध, बहुसांस्कृतिक और विभिन्न धर्मों के लोगों से संवाद करेंगे।
अखिलेश ने ‘एक्स’ पर भागवत के कार्यक्रम के आयोजकों का अकाउंट निलंबित किए जाने से संबंधित एक खबर की तस्वीर साझा करते हुए कहा, ‘‘जब ‘अपंजीकृत-भूमिगत’ लोग विदेश में निकलते हैं तो उनके एक्स अकाउंट निलंबित होना ही है।’’
भागवत के कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ (एएचईएडी) फोरम का ‘एक्स’ अकाउंट बुधवार को उपयोगकर्ताओं के लिए अनुपलब्ध हो गया था।
संगठन ने बाद में कहा कि उसे लगता है कि अकाउंट संभवतः गलती से निलंबित किया गया है। उसने विश्वास जताया कि उसका संचार लगातार ‘‘सार्वभौमिक शांति, एकता, सद्भाव तथा रचनात्मक अंतर-धार्मिक और अंतर-सांस्कृतिक संवाद’’ को बढ़ावा देता रहा है और यह ‘एक्स’ की नीतियों के अनुरूप है।
आरएसएस और उसके नेताओं का नाम लिए बिना अक्सर उन पर निशाना साधने वाले अखिलेश ने ‘एक्स’ पर कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बसे भारतीयों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि ‘स्वदेशी’ का नारा लगाने वाले लोग आखिर विदेश क्या लेने गए हैं।
सपा प्रमुख ने सवाल किया, ‘‘क्या वे विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) का अध्ययन करने गए हैं? क्या वे यह शोध करने गए हैं कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया क्यों गिर रहा है, या भारतीय किसानों को बर्बाद करने के लिए अमेरिकी डील में कुछ और जुड़वाने गए हैं?’’
अखिलेश ने आगे पूछा, ‘‘क्या वे वहां भी सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने गए हैं? क्या वे वहां अपने ‘अलगाववाद’ का प्रसार करने गए हैं या फिर अपनी विभाजनकारी ‘कुदाली’ विचारधारा के लिए जमीन तलाशने गए हैं? क्या वे शाखा का विस्तार करने गए हैं या भारत में बने अपने भवनों की आय के स्रोत को वैधानिक जांच से बचाने के लिए वकील तलाशने गए हैं?’’
भागवत की अमेरिकी यात्रा को लेकर जारी विवाद के बीच यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने ट्रंप प्रशासन से उनका वीजा रद्द करने की अपील की है।
भारत ने यूएससीआईआरएफ के आरोपों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी आयोग को ‘‘विश्वसनीयता की कमी वाला पक्षपाती संगठन’’ करार दिया है।
भाषा
राजेंद्र रवि कांत