Mukesh Ambani Family in Mahakumbh : प्रयागराज। देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने महाकुंभ में स्नान किया, उनके साथ उनकी चार पीढ़िया भी कुंभ नगरी पहुंची। उनकी मां कोकिला बेन, बेटा-बहू आकाश व श्लोका और अनंत व राधिका के साथ मुकेश अंबानी के पोते-पोती पृथ्वी व वेदा भी प्रयागराज पहुंचे। संगम में डुबकी के बाद अंबानी परिवार ने निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज की उपस्थिती में मां गंगा की पूजा अर्चना की।
त्रिवेणी में स्नान के बाद अंबानी परिवार महाकुंभ में बने परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचा। परिवार ने आश्रम में सफाईकर्मियों, बोट चालाने वालों व तीर्थयात्रियों को मिठाई बांटी। परिवार के सदस्य तीर्थयात्रियों को भोजन परोसते भी दिखे। बताते चलें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, परमार्थ निकेतन आश्रम, शारदा पीठ मठ ट्रस्ट द्वारका, श्री शंकराचार्य उत्सव सेवालय फाउंडेशन, निरंजनी अखाड़ा और प्रभु प्रेमी संघ चैरिटेबल ट्रस्ट सहित प्रसिद्ध आध्यात्मिक संगठनों के साथ मिलकर कुंभ में अन्न सेवा कर रही है। अंबानी परिवार ने बोट-चालकों को उनकी व तीर्थयाकत्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट भी दिए।
महाकुंभ 2025 प्रयागराज में आयोजित होगा, जहां लाखों श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं। यह एक बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लोग हिस्सा लेते हैं।
अंबानी परिवार ने महाकुंभ में क्या किया?
मुकेश अंबानी और उनका परिवार महाकुंभ में संगम में स्नान करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने निरंजनी अखाड़े में पूजा अर्चना की और परमार्थ निकेतन आश्रम में जाकर तीर्थयात्रियों को मिठाई बांटी और भोजन परोसा। उन्होंने बोट-चालकों को सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट भी दिए।
महाकुंभ में अन्न सेवा के लिए कौन-कौन से संगठन जुड़े हुए हैं?
महाकुंभ में अन्न सेवा के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज, परमार्थ निकेतन आश्रम, शारदा पीठ मठ ट्रस्ट, निरंजनी अखाड़ा और प्रभु प्रेमी संघ चैरिटेबल ट्रस्ट जैसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक संगठन जुड़े हुए हैं।
महाकुंभ के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान क्या होते हैं?
महाकुंभ में पवित्र स्नान, पूजा-अर्चना, साधु-संतों के प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। श्रद्धालु संगम में स्नान कर अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करते हैं।
महाकुंभ में पहुंचने के लिए कौन से रास्ते खुले रहते हैं?
महाकुंभ में पहुंचने के लिए प्रमुख सड़क मार्ग, रेलवे और हवाई मार्ग से प्रयागराज आसानी से पहुंचा जा सकता है। प्रशासन विशेष इंतजाम करता है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।