सीतापुर, 22 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के सीतापुर में ऐतिहासिक घंटाघर की इमारत की पहली मंजिल पर संचालित शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यालय को शनिवार को खाली कराकर सील कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई नजूल (सरकारी) भूमि पर कथित रूप से कब्जा करने के मामले में जारी आदेश के बाद की गई।
सदर के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) डॉ. जनार्दन ने बताया कि सीतापुर नगर पालिका परिषद की ओर से जारी नोटिस में दी गई समय-सीमा समाप्त होने के बाद कार्यालय को खाली कराया गया।
उन्होंने बताया, ‘‘सीतापुर शहर में कांग्रेस कमेटी का कार्यालय आज (शनिवार को) खाली करा लिया गया। यह इमारत नजूल भूमि पर बनी है और नगर पालिका परिषद ने इस संबंध में नोटिस जारी किए थे। नोटिस में दी गई समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी।’’
एसडीएम ने बताया कि कांग्रेस की ओर से दिए गए जवाब पर सुनवाई हुई थी और पार्टी इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का रुख भी कर चुकी है लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद आज (शनिवार को) इस जगह को खाली करा लिया गया और इसका कब्जा सीतापुर नगर पालिका परिषद को सौंप दिया गया। आगे की कार्रवाई नगर पालिका स्तर पर की जाएगी।’’
नगर पालिका परिषद ने इस महीने की शुरुआत में शहर कांग्रेस कमेटी को 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी।
मामला उस समय सामने आया जब, सीतापुर के जिलाधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया और पाया कि कांग्रेस कार्यालय ऐतिहासिक इमारत की पहली मंजिल पर संचालित हो रहा है, जो नजूल भूमि के भूखंड पर बनी है।
कांग्रेस कमेटी ने कार्रवाई के दौरान दावा किया कि वर्ष 1972 से उसका इस जगह पर कब्जा है और तत्कालीन सरकार ने यह परिसर उसे आवंटित किया था।
वहीं, नगर पालिका परिषद का कहना है कि कांग्रेस कमेटी कार्रवाई के दौरान कोई वैध पट्टा, डीड या अनुबंध प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिसके बाद प्रशासन ने इस कब्जे को अवैध मानते हुए पार्टी को ‘डिफॉल्टर’ घोषित किया।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
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