Sitapur Teen Death Case : किशोरी मौत केस में CM योगी का ऑपरेशन एक्शन! ये 3 आरोपी हिरासत में, चौकी इंचार्ज पर गिरी गाज, SHO पर जांच

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सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में किशोरी का शव पेड़ पर लटका मिलने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस की भूमिका में लापरवाही सामने आने के बाद चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया है, जबकि SHO के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 10:24 PM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 11:45 PM IST

Sitapur Teen Death Case / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में किशोरी का शव पेड़ पर लटका मिला था।
  • मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
  • पुलिस की कथित लापरवाही पर चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया और SHO के खिलाफ जांच शुरू हुई।

सीतापुर : Sitapur Teen Death Case : सीतापुर के किशोरी की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। यूपी में अपराध करेंगे तो कार्रवाई होगी और अपराधियों को बचाने की कोशिश हुई तो जिम्मेदार भी नहीं बचेंगे। कोतवाली देहात क्षेत्र में किशोरी का पेड़ पर लटका शव मिलने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीं पुलिस की लापरवाही पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और एसएचओ के खिलाफ जांच शुरू है।

अपराधियों पर सीधा प्रहार, बचाने वालों की भी खैर नहीं

योगी सरकार की निगरानी में पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। Cm Yogi Adityanath Latest News पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैंगिंग बताया गया है। जांच में सामने आने वाले हर तथ्य को गंभीरता से लिया जा रहा है। सरकार का रुख स्पष्ट है कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

कानून-व्यवस्था में चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई

सीतापुर मामले में कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रही। पुलिस की भूमिका में लापरवाही मिलने पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एसएचओ के विरुद्ध जांच चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति में अपराध के साथ-साथ कर्तव्य में लापरवाही के लिए भी कोई जगह नहीं है। कानून-व्यवस्था में चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है। यह कार्रवाई सरकार के उस सख्त संदेश को दोहराती है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है। अपराध करने वाला हो, उसे संरक्षण देने वाला हो या कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाला जांच में दोषी मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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