नितिन नवीन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और राजग सहयोगियों के साथ की बैठक, 2027 की चुनावी रणनीति पर मंथन

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नितिन नवीन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और राजग सहयोगियों के साथ की बैठक, 2027 की चुनावी रणनीति पर मंथन

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 01:25 PM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 01:25 PM IST

(तस्वीरों सहित)

लखनऊ, पांच जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक कर 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की।

लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर आए भाजपा अध्यक्ष ने अपने कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ ‘चाय पर चर्चा’ से की। इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने उनसे मुलाकात कर उनका स्वागत किया।

चौधरी ने ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए पोस्ट में कहा, ‘‘अध्यक्ष जी के नेतृत्व में संगठन निरंतर नयी ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। मुझे विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में भाजपा उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार अवश्य जीतेगी।’’

भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ हुई बैठक में उनके संगठनात्मक अनुभवों को साझा किया गया और 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों की इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार मौजूद नहीं थे।

पंकज चौधरी ने कहा, ‘‘भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों की बैठक में (मैं) सहभागी बना। वर्षों के उनके संगठनात्मक अनुभव और कार्यशैली से मिली सीख संगठन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के प्रयासों में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगी।’’

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अध्यक्षता में भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ ‘चाय पर चर्चा’ की गई।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री मौर्य ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने जो काम किया है, उसके आधार पर भाजपा 2027 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। प्रदेश की जनता गुंडाराज, माफियाराज, वंशवादी राजनीति या दंगे नहीं चाहती। वह विकास, सुशासन और सुरक्षा चाहती है।’’

उन्होंने कहा कि जनता ने यह तय कर लिया है कि यदि उत्तर प्रदेश में ‘‘कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) खिलेगा’’ तो राज्य और उसके लोग समृद्ध होंगे।

मौर्य ने कहा, ‘‘अगर समाजवादी पार्टी की ‘साइकिल’ (सपा का चुनाव चिह्न) फिर से आती है, तो वह जनता को कुचलेगी, डराएगी और भूमि कब्जाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देगी। इसलिए अखिलेश यादव को कोरी कल्पनाओं में नहीं खोना चाहिए। 2047 तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश हमारा लक्ष्य है तथा अगले 21 वर्षों तक समाजवादी पार्टी सत्ता के आसपास भी नहीं होगी।’’

भाजपा अध्यक्ष के साथ हुई चर्चा के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा इस बात पर हुई कि सरकार और संगठन मिलकर 2017 के प्रदर्शन को दोहराएंगे और 2027 में उससे भी बड़ी जीत हासिल करेंगे। हमारे सभी राजग सहयोगी एकजुट रहेंगे।’’

बैठक में भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, भूपेंद्र सिंह चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी तथा डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, ‘‘भाजपा एक कैडर आधारित पार्टी है और उसे अपने कार्यकर्ताओं से शक्ति मिलती है। हर कार्यकर्ता भाजपा को मां और कमल को अपना प्रतीक मानता है। हमारे कार्यकर्ता जातिवाद, क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद, परिवारवाद और वंशवादी राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद से प्रेरित होकर काम करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर गांव तक पहुंचाना पार्टी का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है, क्योंकि आज का कार्यकर्ता ही कल का नेता बनता है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, ‘‘हम अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर काम करते हैं, उनकी चिंताओं का समाधान करते हैं और नियमित संवाद बनाए रखते हैं। मुझे विश्वास है कि हम राजग गठबंधन की भावना को मजबूत बनाए रखेंगे।’’

भाजपा अध्यक्ष ने बाद में उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दलों की संयुक्त बैठक की भी अध्यक्षता की। ताज होटल में आयोजित इस बैठक में भविष्य की कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।

सहयोगी दलों के नेताओं ने कहा कि बैठक में गठबंधन को और मजबूत करने, उसके संगठनात्मक आधार का विस्तार करने तथा राज्य में राजग की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने की रणनीति पर विचार किया गया।

बैठक में शामिल होने से पहले राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा कि अगला विधानसभा चुनाव सभी सहयोगी दल मिलकर लड़ेंगे।

त्यागी ने कहा, ‘‘हमें मिलकर चुनाव लड़ना है और 2027 में उत्तर प्रदेश में राजग की जीत सुनिश्चित करनी है। हम उसी की तैयारी कर रहे हैं और आज की बैठक भी इसी उद्देश्य से आयोजित की गई है।’’

सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उचित समय आने पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम बैठक में इस विषय पर चर्चा करेंगे। रालोद के साथ मिलकर फिर से राजग सरकार बनेगी।’’

निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने कहा कि चर्चा का केंद्र सभी सीट पर सफलता सुनिश्चित कर ‘‘ऐतिहासिक जीत’’ हासिल करना, संगठन को मजबूत बनाना और गठबंधन की विचारधारा को जनता तक पहुंचाना होगा।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बैठक में 2017 विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन से भी बेहतर परिणाम हासिल करने की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

राजभर ने कहा, ‘‘हम सभी 403 विधानसभा सीट पर तैयारी कर रहे हैं और 2017 के मुकाबले 2027 में अधिक सीट जीतने के लिए काम कर रहे हैं।’’

अपना दल (सोनेलाल) के नेता एवं मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी का ध्यान सीट के बंटवारे पर नहीं, बल्कि राजग की जीत सुनिश्चित करने पर है।

पटेल ने कहा, ‘‘हमने सीट के लिए नहीं, बल्कि जीत के लिए लड़ाई लड़ी है। हम अपने संगठन को और मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।’’

भाषा आनन्द

रंजन खारी

खारी